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भारत-यूएस ट्रेड डील से दोनों देशों को मिले समान लाभ: वर्जीनिया के पूर्व गवर्नर मैकऑलिफ (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)

भारत-यूएस ट्रेड डील से दोनों देशों को मिले समान लाभ: वर्जीनिया के पूर्व गवर्नर मैकऑलिफ (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)
भारत-यूएस ट्रेड डील से दोनों देशों को मिले समान लाभ: वर्जीनिया के पूर्व गवर्नर मैकऑलिफ (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)

वाशिंगटन, 16 जुलाई (आईएएनएस)। वर्जीनिया के पूर्व गवर्नर टेरी मैकऑलिफ ने भारत-अमेरिका के बीच एक मजबूत व्यापार समझौते का समर्थन करते हुए कहा कि, किसी भी समझौते से दोनों देशों के श्रमिकों और ट्रेड को समान रूप से लाभ मिलना चाहिए।

आईएएनएस को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में मैकऑलिफ ने कहा, "आपको ऐसा व्यापार समझौता करना चाहिए जो दोनों पक्षों के लिए अच्छा हो। ऐसा समझौता कभी नहीं किया जा सकता जिसमें केवल एक पक्ष विजेता बनकर उभरे, क्योंकि अंततः ऐसी स्थिति में नुकसान होगा।"

वर्ष 2014 से 2018 तक वर्जीनिया के गवर्नर रहे डेमोक्रेट नेता मैकऑलिफ ने कहा कि अंतिम व्यापार समझौते से दोनों देशों को संतुष्टि मिलनी चाहिए।

उन्होंने कहा, "समझौते से दोनों पक्षों को अच्छा महसूस होना चाहिए और यह दोनों के हित में काम करना चाहिए। जब ऐसा होता है, तो दोनों देशों की प्रगति होती है और सभी को लाभ मिलता है।"

मैकऑलिफ ने स्वयं को वैश्विक व्यापार का प्रबल समर्थक बताते हुए कहा कि व्यापार समझौतों में श्रमिकों के हितों की रक्षा के साथ-साथ आर्थिक अवसरों का भी सृजन होना चाहिए।

उन्होंने कहा, "पूरी दुनिया एक बड़ा आर्थिक और व्यापारिक अवसर है। जो देश इसमें सक्रिय रूप से भाग नहीं लेंगे, वे पीछे रह जाएंगे और उनके नागरिकों को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा।"

मैकऑलिफ ने बताया कि गवर्नर के रूप में अपने चार वर्षों के कार्यकाल के दौरान उन्होंने 35 विदेशी व्यापार मिशनों का नेतृत्व किया और 1,100 कंपनियों को वर्जीनिया में निवेश के लिए आकर्षित किया। उनके अनुसार, इन निवेशों से उत्तरी वर्जीनिया के साथ-साथ राज्य के दक्षिण-पश्चिमी ग्रामीण इलाकों में भी रोजगार के अवसर पैदा हुए।

पूर्व गवर्नर ने उद्यमिता, प्रौद्योगिकी और परोपकार के क्षेत्र में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के योगदान की भी सराहना की।

उन्होंने कहा, "रोजगार सृजन और उद्यमिता क्षेत्र में उनका योगदान असाधारण रहा है। लेकिन बात केवल उद्यमिता और रोजगार तक सीमित नहीं है, भारतीय-अमेरिकी समुदाय समाज को भी बहुत कुछ लौटाता है।"

मैकऑलिफ ने कहा कि इस समुदाय ने अमेरिका को मजबूत बनाया है और देश को प्रौद्योगिकी तथा सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व स्थापित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा, "अमेरिका में हम सभी उन प्रवासियों के ऋणी हैं, विशेष रूप से भारतीय-अमेरिकियों के, जिन्होंने यहां व्यवसाय स्थापित किए और समाज सेवा व परोपकार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया।"

उन्होंने ट्रंप प्रशासन की आव्रजन संबंधी बयानबाजी की भी आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिका को नए प्रवासियों, विशेषकर भारतीय-अमेरिकियों, से हमेशा लाभ हुआ है।

मैकऑलिफ ने कहा, "दुर्भाग्य से वर्तमान प्रशासन के दौरान प्रवासियों के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।"

उन्होंने कहा कि अमेरिका आज एक "बेहतर देश" है क्योंकि यहां प्रवासी आए हैं, "विशेष रूप से भारतीय-अमेरिकी समुदाय, जिसने इस महान देश में आकर इसे और मजबूत बनाया है।"

मैकऑलिफ ने कहा कि देश की सीमाएं सुरक्षित रहनी चाहिए और प्रवासियों का कानूनी रूप से प्रवेश होना चाहिए, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका की विविधता उसकी सबसे बड़ी ताकतों में से एक है।

उन्होंने कहा,"हम एक 'मेल्टिंग पॉट' हैं और यही विविधता हमें और अधिक मजबूत बनाती है।"

--आईएएनएस

केआर/

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