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बंगाल: नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी के मामले में तृणमूल पंचायत प्रमुख गिरफ्तार

बंगाल: नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी के मामले में तृणमूल पंचायत प्रमुख गिरफ्तार
बंगाल: नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी के मामले में तृणमूल पंचायत प्रमुख गिरफ्तार

कोलकाता, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर 24 परगना जिले के स्वरूपनगर की चारघाट पंचायत में तृणमूल कांग्रेस की पूर्व पंचायत प्रमुख को नौकरी दिलाने के नाम पर आर्थिक धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

उनके पति, निखिल रंजन बिस्वास को पहले ही इसी आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है।

यह गिरफ्तारी तब हुई जब कथित तौर पर धोखाधड़ी का शिकार हुए लोगों ने इस जोड़े के खिलाफ मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से शिकायत की।

पुलिस ने गिरफ्तार महिला की पहचान बसंती बिस्वास के तौर पर की है।

राज्य में सरकार बदलने के बाद उनके खिलाफ स्थानीय पुलिस स्टेशन में कई शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। मुख्य आरोप जबरन वसूली और आर्थिक धोखाधड़ी से जुड़े हैं।

आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल के दौरान बसंती और उनके पति निखिल ने स्वरूपनगर के रहने वाले मजार अली समेत कई लोगों से भारी रकम ली थी।

इसके बदले में, उन्होंने कथित तौर पर उन सभी को सरकारी नौकरी दिलाने का वादा किया था।

शिकायत करने वालों का कहना है कि उन्होंने 2023 में कई लाख रुपए दिए थे, लेकिन उन्हें कोई नौकरी नहीं मिली।

बाद में उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जब उन्होंने पैसे वापस मांगे तो बिस्वास दंपत्ति ने कथित तौर पर उन्हें धमकी दी।

शिकायत करने वालों का कहना है कि उन्होंने यह मुद्दा पहले भी उठाया था, लेकिन बसंती पर कोई कार्रवाई नहीं हुई क्योंकि उस समय उनकी अपनी पार्टी सत्ता में थी।

सरकार बदलने के बाद, शिकायतकर्ता मजार अली समेत कई लोग न्याय की गुहार लेकर मुख्यमंत्री की जनसुनवाई में पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने मामला सुना और प्रशासन को कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

निखिल को 12 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था और वह अभी भी न्यायिक हिरासत में है। उसकी पत्नी बसंती को सोमवार को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के मुताबिक, उसे बशीरहाट सब-डिविजनल कोर्ट में पेश किया जाएगा।

बसंती की गिरफ्तारी के बाद, शिकायतकर्ता मजार अली ने बताया कि वह पहले आईसीडीएस कर्मचारी थीं और बाद में तृणमूल पंचायत प्रधान बनीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने करोड़ों रुपए की संपत्ति जमा की और नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से पैसे लिए।

अली ने कहा कि उन्हें वही सजा मिलनी चाहिए जिसके वे हकदार हैं। मुख्यमंत्री ने हमारी अपील पर प्रतिक्रिया दी है। इस धोखाधड़ी गिरोह में कुछ और लोग भी शामिल हैं। उम्मीद है कि उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता वृंदाबन सरकार ने कहा कि बसंती विश्वास की गिरफ्तारी ने स्थानीय लोगों के बीच एक स्पष्ट संदेश भेजा है।

--आईएएनएस

एमएस/

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