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रंगदारी और फिल्म इंडस्ट्री में नौकरी दिलाने के नाम पर वसूली का आरोप, पूर्व मंत्री के भाई स्वरूप बिस्वास 14 दिन की पुलिस हिरासत में

कोलकाता, 5 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की राजनीति और फिल्म जगत से जुड़े एक चर्चित मामले में पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास के भाई स्वरूप बिस्वास की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कोलकाता की एक निचली अदालत ने शुक्रवार को उन्हें 14 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया। कोलकाता पुलिस ने उन्हें गुरुवार रात गिरफ्तार किया था।
रंगदारी और फिल्म इंडस्ट्री में नौकरी दिलाने के नाम पर वसूली का आरोप, पूर्व मंत्री के भाई स्वरूप बिस्वास 14 दिन की पुलिस हिरासत में

कोलकाता, 5 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की राजनीति और फिल्म जगत से जुड़े एक चर्चित मामले में पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास के भाई स्वरूप बिस्वास की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कोलकाता की एक निचली अदालत ने शुक्रवार को उन्हें 14 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया। कोलकाता पुलिस ने उन्हें गुरुवार रात गिरफ्तार किया था।

स्वरूप बिस्वास की गिरफ्तारी एक महिला मेकअप आर्टिस्ट की शिकायत के आधार पर हुई। शिकायतकर्ता टॉलीगंज स्थित बंगाली फिल्म, टेलीविजन, और ओटीटी इंडस्ट्री में काम करने वाले मेकअप आर्टिस्टों के एक संगठन से जुड़ी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से पैसे वसूले गए।

पुलिस ने स्वरूप बिस्वास के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 308 (रंगदारी वसूली) और धारा 109 (हत्या के प्रयास की सजा) के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा, उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट, 1959 की धारा 25 और 27 के तहत भी कार्रवाई की गई है, जो हथियारों और गोला-बारूद के अवैध कब्जे और इस्तेमाल से संबंधित हैं।

शुक्रवार को अदालत में पेशी के दौरान सरकारी वकील सौरीन घोषाल ने कहा कि आरोपी एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं और पूर्व राज्य मंत्री के भाई होने के कारण मामले में गहन पूछताछ जरूरी है। उन्होंने अदालत को बताया कि शिकायत के अनुसार स्वरूप बिस्वास ने फिल्म इंडस्ट्री में काम दिलाने का झांसा देकर करीब 50 लोगों से 50-50 हजार रुपए वसूले थे।

सरकारी पक्ष की दलीलों को स्वीकार करते हुए अदालत ने स्वरूप बिस्वास को 14 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

स्वरूप बिस्वास पहले भी विवादों में रह चुके हैं। वह लंबे समय तक कोलकाता स्थित फेडरेशन ऑफ सिने टेक्नीशियंस एंड वर्कर्स ऑफ ईस्टर्न इंडिया के अध्यक्ष रहे थे। तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद संगठन में उनका प्रभाव काफी बढ़ा था। हालांकि, उन पर संगठन से जुड़े लोगों से वसूली करने के आरोप भी समय-समय पर लगते रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि स्वरूप बिस्वास का नाम पिछले साल 13 दिसंबर को लियोनेल मेसी के जीओएटी इंडिया टूर के दौरान साल्ट लेक स्थित युवा भारती क्रीड़ांगन में हुई तोड़फोड़ के मामले में भी सामने आया था। मामले की जांच जारी है और पुलिस अब हिरासत के दौरान उनसे विस्तृत पूछताछ करेगी।

--आईएएनएस

वीकेयू/डीकेपी

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