Samachar Nama
×

हिमालय के संरक्षण पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने दिया जोर, पारिस्थितिक सुरक्षा और विकास में संतुलन जरूरी

हिमालय के संरक्षण पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने दिया जोर, पारिस्थितिक सुरक्षा और विकास में संतुलन जरूरी
हिमालय के संरक्षण पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने दिया जोर, पारिस्थितिक सुरक्षा और विकास में संतुलन जरूरी

नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2047 तक भारतीय हिमालयी क्षेत्र में एक ऐसा नीतिगत ढांचा तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जो पारिस्थितिक सुरक्षा और सतत सामाजिक-आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखे।

दिल्ली में 'जी.बी. पंत सोसायटी ऑफ हिमालयन एनवायरनमेंट एंड डेवलपमेंट' की 27वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री ने हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) में आजीविका को बेहतर बनाने के लिए 'एक्सेस एंड बेनिफिट-शेयरिंग' (संसाधनों तक पहुंच और लाभ-साझाकरण) अधिकारों और 'पीपल्स बायोडायवर्सिटी रजिस्टर्स' (पीबीआर) के महत्व पर जोर दिया।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार बैठक के दौरान चार प्रकाशन जारी किए गए, जो संस्थान द्वारा किए गए कार्यों के ज्ञान-भंडार में और इजाफा करते हैं।

बयान में कहा गया है कि इन प्रकाशनों में भागीरथी इको-सेंसिटिव जोन, गंगोत्री ग्लेशिएटेड सिस्टम, ई-पीबीआर गवर्नेंस और भारतीय हिमालयी क्षेत्र में रामसर आर्द्रभूमि (वेटलैंड्स) में जैव विविधता संरक्षण के तरीकों को शामिल किया गया है।

जारी किए गए चार प्रकाशन, 'भागीरथी इको-सेंसिटिव जोन के लिए जैव विविधता और इसके संरक्षण के तरीके'; 'गंगोत्री ग्लेशिएटेड सिस्टम'; 'भारतीय हिमालयी क्षेत्र के लिए ई-पीबीआर गवर्नेंस' और 'भारतीय हिमालयी क्षेत्र की रामसर आर्द्रभूमि', हैं।

इससे पहले, बुधवार को दिल्ली में यादव ने 11 क्षेत्रीय कार्यालयों के अधिकारियों और वैज्ञानिकों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

उन्होंने कहा कि वन संरक्षण, वन भूमि के अन्य उपयोग (डायवर्जन), कार्य योजनाओं (वर्किंग प्लान) को मंजूरी देने, और विभिन्न कानूनों के तहत निगरानी व मूल्यांकन से जुड़े मामलों में क्षेत्रीय कार्यालय महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में यादव ने लिखा, "आर्थिक आकांक्षाओं और पारिस्थितिक सुरक्षा के बीच संतुलन बनाकर सतत विकास के लिए वन प्रशासन (फॉरेस्ट गवर्नेंस) को आगे बढ़ाने में 'संपूर्ण सरकार के दृष्टिकोण' पर जोर दिया गया।"

13 अक्टूबर को यादव ने केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ कृषि भवन में राज्यों के कृषि मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ 'पराली प्रबंधन' के विषय पर सार्थक चर्चा की।

'एक्स' पर एक संदेश में यादव ने लिखा, "हम अपने किसान भाइयों को पराली जलाने के बजाय बेहतर और टिकाऊ विकल्प उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, ताकि उनकी आय बढ़े और मिट्टी की गुणवत्ता भी बनी रहे।"

उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, "इस दिशा में कृषि मशीनों की उपलब्धता, उनके प्रभावी उपयोग और जन जागरूकता पर विशेष जोर दिया जा रहा है। हमारा लक्ष्य पराली जलाने की घटनाओं को कम करना, किसानों को फायदेमंद विकल्प उपलब्ध कराना और पर्यावरण को स्वच्छ व सुरक्षित रखना है।"

--आईएएनएस

एससीएच/वीसी

Share this story