बिहार: पश्चिम चंपारण में बाढ़ पीड़ितों ने सांसद और विधायकों के खिलाफ की नारेबाजी
पटना, 30 सितंबर (आईएएनएस)। मंगलवार को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बाढ़ प्रभावित पश्चिम चंपारण दौरे के दौरान तनाव का माहौल छा गया। इस दौरान बैरिया ब्लॉक के बाथना स्थित राहत शिविर में प्रभावित निवासियों ने स्थानीय सांसदों और विधायकों के खिलाफ नारे लगाए।
चौधरी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में स्थिति का जायजा लेने और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करने के लिए गए थे। बाथना स्थित पीएम श्री गवर्नमेंट प्लस-2 हाई स्कूल में स्थापित राहत शिविर पहुंचने से पहले उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया।
शिविर में बाढ़ पीड़ितों से बातचीत के दौरान कई निवासियों ने स्थानीय नेताओं के खिलाफ नारे लगाने शुरू कर दिए। प्रदर्शनकारियों ने राहत व्यवस्थाओं पर असंतोष व्यक्त किया और संकट से निपटने में अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल उठाए।
माहौल तनावपूर्ण होने पर, सुरक्षाकर्मियों ने चौधरी के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। बढ़ते तनाव के बीच, चौधरी राहत शिविर से चले गए।
पश्चिमी चंपारण के कई इलाकों में बाढ़ की बिगड़ती स्थिति के मद्देनजर ये विरोध प्रदर्शन हुए, जहां गंडक नदी में बढ़ते जलस्तर ने निचले इलाकों को प्रभावित किया है और जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।
स्थानीय खबरों के अनुसार, चौधरी के स्कूल परिसर छोड़ने के बाद तनाव और बढ़ गया। भाजपा के सांसद संजय जायसवाल और स्थानीय नरकटियागंज विधायक सुरक्षा कारणों से कुछ समय तक स्कूल परिसर के अंदर ही रहे।
बाद में पुलिस ने जायसवाल को उनकी गाड़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया। इस दौरान, कथित तौर पर आक्रोशित निवासियों के एक समूह ने गाड़ी को घेर लिया और विरोध प्रदर्शन किया। कुछ लोगों ने कथित तौर पर गाड़ी पर गोबर फेंका और उस पर हाथ से वार किया, जिससे तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई।
अंततः पुलिसकर्मियों ने कड़ी सुरक्षा के बीच सांसद को इलाके से सुरक्षित निकाला।
यह घटना ऐसे समय हुई जब प्रशासन पश्चिमी चंपारण के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी रखे हुए था। अधिकारियों ने कहा कि वे स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं और प्रभावित क्षेत्रों में निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं।
इस बीच, गंडक नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से पश्चिम चंपारण में बाढ़ की स्थिति और भी गंभीर हो गई है। बागाहा गेज पर नदी का जलस्तर अब तक के उच्चतम स्तर 91.25 मीटर पर पहुंच गया है, जो 2024 में दर्ज किए गए पिछले उच्चतम स्तर 90.90 मीटर से 0.35 मीटर अधिक है।
जलस्तर में इस उछाल से तटबंधों पर दबाव बढ़ गया है और कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं, जिससे राहत और पुनर्वास कार्यों में लगी एजेंसियों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।
--आईएएनएस
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