तमिलनाडु: एमजीआर की जयंती पर एआईएडीएमके ने चुनावी एजेंडा तय किया, पांच प्रमुख वादे
चेन्नई, 17 जनवरी (आईएएनएस)। आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले एआईएडीएमके ने अपने चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत करते हुए पांच अहम वादों की घोषणा की है। कल्याण, आवास, रोजगार और महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित ये घोषणाएं पूर्व मुख्यमंत्री एम.जी. रामचंद्रन (एमजीआर) की 109वीं जयंती के अवसर पर की गईं।
एआईएडीएमके के महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय में एमजीआर और पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत जे. जयललिता की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण करने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए इन वादों का ऐलान किया।
पहला और सबसे प्रमुख वादा “कुला विलक्कू योजना” से जुड़ा है, जिसके तहत सभी परिवार राशन कार्ड धारकों को हर महीने 2,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह राशि सीधे परिवार के मुखिया के बैंक खाते में जमा की जाएगी, ताकि घरेलू आर्थिक दबाव कम किया जा सके और जमीनी स्तर पर आर्थिक संतुलन बहाल हो।
दूसरा वादा सार्वजनिक परिवहन से संबंधित है। एआईएडीएमके ने शहर की बसों में पुरुषों के लिए भी मुफ्त यात्रा की घोषणा की है, जबकि महिलाओं के लिए पहले से लागू मुफ्त बस यात्रा योजना को बिना किसी बदलाव के जारी रखने का भरोसा दिया गया है। इसके लागू होने पर शहरों में बस यात्रा पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए पूरी तरह मुफ्त हो जाएगी।
तीसरा वादा आवास से जुड़ा है, जिसे “अम्मा इल्लम योजना” नाम दिया गया है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बेघर लोगों के लिए सरकार जमीन खरीदकर पक्के मकान बनाएगी। शहरी इलाकों में सरकारी अधिग्रहित जमीन पर अपार्टमेंट शैली के घर बनाकर उन्हें नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा अनुसूचित जाति परिवारों के लिए विशेष प्रावधान करते हुए संयुक्त परिवार से अलग होने वाले विवाहित पुत्रों को भी अलग पक्के मकान देने की घोषणा की गई है।
चौथा वादा ग्रामीण रोजगार पर केंद्रित है। एआईएडीएमके ने रोजगार गारंटी योजना के तहत काम के दिनों की संख्या 100 से बढ़ाकर 150 दिन करने का संकल्प लिया है। यह केंद्र सरकार के प्रस्तावित 125 दिनों से भी अधिक है और इसका उद्देश्य ग्रामीण आजीविका व विकास को मजबूत करना बताया गया है।
पांचवां और अंतिम वादा “अम्मा टू-व्हीलर योजना” के विस्तार से संबंधित है। इसके तहत पांच लाख महिलाओं को दोपहिया वाहन दिए जाएंगे, जिन पर प्रति लाभार्थी 25,000 रुपये की सब्सिडी मिलेगी। इसका मकसद महिलाओं की गतिशीलता, सुरक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देना है।
इन पांचों वादों के जरिए एआईएडीएमके ने अपनी कल्याणकारी विरासत को पुनर्जीवित करने और चुनावी मौसम के लिए एक स्पष्ट राजनीतिक एजेंडा पेश करने का संकेत दिया है।
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