गहलोत का भाजपा पर निशाना, बोले- लोकतांत्रिक इतिहास में पहली बार 'सत्ताधारी विपक्ष' का उदय
जयपुर, 4 नवंबर (आईएएनएस)। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं और वोट चोरी के आरोपों से जनता का ध्यान भटकाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा देश भर में रैलियां और प्रदर्शन आयोजित कर रही है और इसके लिए उसने अपने केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और राज्य मंत्रियों को लगाया है।
एक बयान में गहलोत ने कहा कि भाजपा की इन हरकतों से पूरा देश स्तब्ध है और सवाल उठा रहा है कि क्या केंद्र और राज्य सरकारों के पास करने के लिए कोई और काम बचा भी है?
उन्होंने कहा कि भारत के 80 साल के लोकतांत्रिक इतिहास में पहली बार, देश में 'सत्ताधारी विपक्ष' का उदय हो रहा है। उन्होंने कहा कि एक ऐसी पार्टी जो खुद सत्ता में है, विपक्ष के खिलाफ धरने, प्रदर्शन और रैलियां कर रही है। उन्होंने भाजपा की रैलियों को निरर्थक बताया।
गहलोत ने कहा कि पूरा देश हैरान है। चाहे भाजपा की केंद्र सरकार हो या राज्य सरकारें, क्या उनके पास करने के लिए कोई काम नहीं बचा है? सभी केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और राज्य मंत्रियों को निरर्थक रैलियों में धकेल दिया गया है।
गहलोत ने कहा कि एनडीए सरकार द्वारा लोगों की चिंताओं को दूर करने में विफल रहने से निराश होकर लोग देश भर में कई मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और अपनी आवाज उठा रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के कारण जनता गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रही है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मतदान में धांधली और चुनाव आयोग की कथित मिलीभगत के आरोप सामने आने के बाद भाजपा घबरा गई है। उन्होंने दावा किया कि सत्ताधारी दल इन आरोपों से ध्यान हटाने के लिए इस तरह के राजनीतिक हथकंडे अपना रहा है।
इंडिया ब्लॉक के मार्च और उसकी विशाल रैली का जिक्र करते हुए गहलोत ने कहा कि विपक्ष का अभियान निर्धारित विरोध स्थलों पर अनुशासित और शांतिपूर्ण तरीके से चलाया जा रहा है।
उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने सरकार परिवर्तन के लिए लगातार प्रेम, स्नेह और लोकतांत्रिक तरीकों की वकालत की है।
गहलोत ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद भाजपा देश में माहौल खराब करने के प्रयास में इस तरह के मार्च निकाल रही है।
उनकी ये टिप्पणियां चुनावी अनियमितताओं और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर भाजपा और विपक्षी दलों के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव के बीच आई हैं।
भाजपा के जवाबी लामबंदी ने चल रहे राजनीतिक संघर्ष में एक नया आयाम जोड़ दिया है, जिसमें दोनों पक्ष जनता के बीच अपनी-अपनी राय बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
--आईएएनएस
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