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कर्नाटक भाजपा ने बेंगलुरु अपशिष्ट प्रबंधन निविदा की सीबीआई जांच की मांग की

बेंगलुरु, 10 जून (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने बुधवार को बेंगलुरु के लिए प्रस्तावित इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (आईएसडब्ल्यूएम) परियोजना की निविदा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच की मांग की।
कर्नाटक भाजपा ने बेंगलुरु अपशिष्ट प्रबंधन निविदा की सीबीआई जांच की मांग की

बेंगलुरु, 10 जून (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने बुधवार को बेंगलुरु के लिए प्रस्तावित इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (आईएसडब्ल्यूएम) परियोजना की निविदा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच की मांग की।

ये आरोप इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली नवगठित सरकार पर भाजपा द्वारा लगाया गया पहला बड़ा भ्रष्टाचार का आरोप है।

आर. अशोक के नेतृत्व में भाजपा प्रतिनिधिमंडल द्वारा राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपने के बाद इस मामले ने और जोर पकड़ा।

प्रतिनिधिमंडल ने परियोजना में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार को बर्खास्त करने की भी मांग की।

बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अशोक ने आरोप लगाया कि इस परियोजना में 36,500 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है और दावा किया कि 10,000 करोड़ रुपए की रिश्वत दी गई है।

विपक्षी नेता ने आरोप लगाया कि नई (कांग्रेस) सरकार ने यह प्रस्ताव पेश किया और शक्तिशाली कंपनियों को अपशिष्ट प्रबंधन के टेंडर सौंप दिए। इससे पहले, विभिन्न स्तरों पर अपशिष्ट प्रबंधन का काम स्थानीय ऑपरेटरों द्वारा किया जाता था। यह 36,500 करोड़ रुपए की परियोजना से जुड़ा एक बड़ा घोटाला है। इसमें 10,000 करोड़ रुपए की रिश्वत ली गई है।

अशोक ने कहा कि यह बेंगलुरु के करदाताओं को लूटने का कार्यक्रम है। वर्तमान में, ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (जीबीए) में कोई निर्वाचित प्रतिनिधि नहीं है। निर्वाचित सदस्यों की अनुपस्थिति का फायदा उठाकर यह बड़ा घोटाला कथित तौर पर अंजाम दिया गया है और अब इसका खुलासा हुआ है।

विपक्षी नेता ने परियोजना के संबंध में राज्य सरकार की निर्णय लेने की प्रक्रिया की भी आलोचना की और प्रस्तावित अनुबंध की अवधि पर सवाल उठाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने बेंगलुरु के लोगों पर कचरा कर और विभिन्न उपकर लगा दिए हैं। कोई भी समझदार व्यक्ति 65 साल की अवधि के लिए निविदा जारी नहीं करेगा। कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में शायद यह अपनी तरह का पहला बड़ा घोटाला है।

कांग्रेस नेतृत्व को निशाना बनाते हुए, अशोक ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा पहले दिए गए बयानों का हवाला दिया और राज्य सरकार पर बेंगलुरु निवासियों पर बोझ डालने वाली नीतियों को अपनाने का आरोप लगाया।

--आईएएनएस

एमएस/

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