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जम्मू-कश्मीर के सोपोर में सेब के पेड़ काटे जाने के बाद एफआईआर दर्ज

श्रीनगर, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के सोपोर कस्बे की पुलिस ने मंगलवार को बताया कि एक बाग में सेब के पेड़ काटने के आरोप में उपद्रवियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
जम्मू-कश्मीर के सोपोर में सेब के पेड़ काटे जाने के बाद एफआईआर दर्ज

श्रीनगर, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के सोपोर कस्बे की पुलिस ने मंगलवार को बताया कि एक बाग में सेब के पेड़ काटने के आरोप में उपद्रवियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

अधिकारियों ने बताया कि बारामूला जिले के सोपोर क्षेत्र के बोहरीपोरा इलाके में एक बाग में अज्ञात लोगों द्वारा दर्जनों सेब के पेड़ काटे जाने के बाद एफआईआर दर्ज की गई है। सेब के पेड़ कटने से बाग मालिक को भारी नुकसान हुआ है।

सेब के बाग के मालिक परिवार ने बताया कि यह घटना रात के समय घटी जब बदमाशों ने बाग में घुसकर कई सेब के पेड़ काट डाले, जिनमें से कई अच्छी किस्म के सेब के पेड़ थे।

बाग के मालिक कल्बी हुसैन मीर ने बताया कि लगभग 55 पौधे नष्ट हो गए। उन्होंने इस कृत्य को जानबूझकर किया गया बताया और कहा कि यह बाग परिवार की आय का मुख्य स्रोत है।

मीर ने कहा कि हमें लगभग 5 से 8 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। ये घनी किस्म के सेब के पेड़ थे और हमें इस मौसम में लगभग 800 से 900 बक्से सेब मिलने की उम्मीद थी। परिवार ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है और पुलिस से दोषियों की पहचान करने का आग्रह किया है।

मीर ने कहा कि यह कृत्य जानबूझकर किया गया प्रतीत होता है, और कोई हमें नुकसान पहुंचाना चाहता था।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

सेब के बागों से होने वाली आय के कारण सोपोर क्षेत्र को अतीत में कश्मीर का ‘छोटा लंदन’ कहा जाता था।

शहरीकरण के बावजूद सोपोर उपमंडल के अधिकांश क्षेत्र अभी भी सेब के बागों से आच्छादित हैं, जो बागवानी पर पूरी तरह निर्भर सैकड़ों परिवारों की आजीविका का आधार हैं।

बागवानी जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जो सालाना 12,000 करोड़ रुपए से अधिक का योगदान देती है और लगभग 33 लाख लोगों को रोजगार प्रदान करती है। 7 लाख से अधिक परिवार प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस क्षेत्र से जुड़े हुए हैं।

--आईएएनएस

एमएस/

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