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असम में उच्च शिक्षा के लिए अब आर्थिक तंगी नहीं बनेगी बाधा: सीएम हिमंत बिस्वा सरमा

असम में उच्च शिक्षा के लिए अब आर्थिक तंगी नहीं बनेगी बाधा: सीएम हिमंत बिस्वा सरमा
असम में उच्च शिक्षा के लिए अब आर्थिक तंगी नहीं बनेगी बाधा: सीएम हिमंत बिस्वा सरमा

गुवाहाटी, 24 अगस्त (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि आर्थिक तंगी किसी भी युवा को उच्च शिक्षा प्राप्त करने से न रोके। उन्होंने राज्य की प्रमुख योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ये योजनाएं छात्रों को अपने सपनों को पूरा करने में मदद कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि असम में किसी भी माता-पिता को अपने बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च उठाने को लेकर चिंता नहीं करनी चाहिए।

उन्होंने कहा, "असम में किसी भी माता-पिता को अपने बच्चे की उच्च शिक्षा का खर्च वहन करने की चिंता नहीं होनी चाहिए। निजुत मोइना और निजुत बाबू योजनाएं यह सुनिश्चित कर रही हैं कि लड़के और लड़कियां आर्थिक परेशानियों के कारण अपने सपनों से समझौता न करें।"

असम सरकार ने मुख्यमंत्री निजुत मोइना आसोनी योजना की शुरुआत लड़कियों को शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करने और पढ़ाई बीच में छोड़ने की घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से की थी।

इस योजना के तहत उच्च माध्यमिक और उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही पात्र छात्राओं को वित्तीय सहायता दी जाती है। सरकार ने बाद में इस योजना का विस्तार भी किया, ताकि शिक्षा के विभिन्न स्तरों पर छात्राओं को सहायता मिल सके और उच्च शिक्षा में उनकी भागीदारी बढ़े।

वहीं, निजुत बाबू आसोनी योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के पुरुष छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए शुरू की गई है।

इस योजना के तहत सरकारी और प्रांतीयकृत शैक्षणिक संस्थानों में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष में अध्ययन कर रहे पात्र छात्रों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए वित्तीय सहायता दी जाती है।

राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, निजुत बाबू योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों का नामांकन बढ़ाना, उच्च शिक्षा में प्रवेश स्तर पर ड्रॉपआउट कम करना और असम के ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो में सुधार करना है।

यह योजना शिक्षा सहायता में लैंगिक संतुलन को बढ़ावा देने और यह सुनिश्चित करने का भी प्रयास करती है कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण किसी छात्र को अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़नी पड़े।

दोनों योजनाएं असम सरकार के उस व्यापक प्रयास का हिस्सा हैं, जिसके तहत अधिक से अधिक छात्रों को स्कूल के बाद भी शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

उच्च शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026 के लिए 'निजुत मोइना' और 'निजुत बाबू' दोनों योजनाओं के लिए नए दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं, जो छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

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