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कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के दबाव के बावजूद तीसरे हफ्ते भी भारतीय बाजार में एफआईआई की खरीदारी जारी

कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के दबाव के बावजूद तीसरे हफ्ते भी भारतीय बाजार में एफआईआई की खरीदारी जारी
कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के दबाव के बावजूद तीसरे हफ्ते भी भारतीय बाजार में एफआईआई की खरीदारी जारी

नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। कच्चे तेल की कीमतों में बनी हुई तेजी और उससे जुड़े बाजार दबाव के बावजूद विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे सप्ताह भी खरीदारी जारी रखी। शनिवार को जारी अनंतिम एक्सचेंज आंकड़ों के अनुसार, एफआईआई ने इस सप्ताह के दौरान 1,228.24 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी की। हालांकि इस दौरान निफ्टी पर दबाव बना रहा और सप्ताह के अंत तक सूचकांक 24,583 के स्तर से फिसलकर 24,366 पर आ गया।

वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने भी बाजार में मजबूती दिखाई और अधिकांश कारोबारी सत्रों में खरीदारी जारी रखी। सप्ताह के पहले सत्र को छोड़कर बाकी सभी सत्रों में डीआईआई खरीदार रहे और उन्होंने कुल मिलाकर करीब 9,286 करोड़ रुपए का निवेश किया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सप्ताह भर में डीआईआई की शुद्ध खरीदारी 7,768 करोड़ रुपए रही, जिसमें पांच में से चार कारोबारी सत्रों में मजबूत निवेश प्रवाह देखने को मिला।

सप्ताह की शुरुआत में एफआईआई ने लगातार दो दिनों तक खरीदारी की, लेकिन उसके बाद दो सत्रों में बिकवाली की ओर रुख किया। हालांकि सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन वे फिर से खरीदार के रूप में लौटे। इससे यह संकेत मिलता है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद विदेशी निवेशकों का भारत को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

विश्लेषकों के अनुसार, अगस्त की शुरुआत एफआईआई के लिए काफी कमजोर रही थी। महीने के पहले दो सप्ताह में उन्होंने क्रमशः 4,205 करोड़ रुपए और 3,893 करोड़ रुपए की बिकवाली की थी।

उस दौरान निफ्टी पर दबाव बढ़ा और सूचकांक 23,767 के निचले स्तर तक पहुंच गया था। हालांकि 28 जुलाई के बाद विदेशी निवेशकों का रुख बदला और उन्होंने फिर से खरीदारी शुरू की, जिससे निफ्टी में सुधार आया और यह 3 अगस्त तक 24,774 के स्तर तक पहुंच गया।

इसके बावजूद विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के तीन सप्ताह की खरीदारी अभी शुरुआती भारी बिकवाली की पूरी भरपाई नहीं कर सकी है। अगस्त में अब तक एफआईआई का कुल निवेश प्रवाह लगभग 3,174 करोड़ रुपए के शुद्ध नकारात्मक स्तर पर बना हुआ है।

दूसरी ओर, डीआईआई पूरे महीने बाजार के लिए मजबूत सहारा बने रहे हैं। उन्होंने अगस्त के प्रत्येक सप्ताह में लगातार खरीदारी की है और अब तक उनकी कुल शुद्ध खरीदारी 38,715 करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है। विश्लेषकों का मानना है कि घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी ने बाजार को वैश्विक अस्थिरता के दौर में स्थिरता प्रदान की है।

सप्ताह के दौरान प्रमुख सूचकांकों का प्रदर्शन मिश्रित रहा। निफ्टी 0.8 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,366 पर बंद हुआ, जबकि बैंक निफ्टी सीमित दायरे में कारोबार करने के बाद 0.4 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।

हालांकि व्यापक बाजार का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स ने नया सर्वकालिक उच्च स्तर बनाया और सप्ताह का समापन 0.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ किया। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स भी अपने रिकॉर्ड उच्च स्तरों के आसपास बना रहा, जो निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता और मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में जारी रुचि को दर्शाता है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में भारतीय बाजार की दिशा कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक भू-राजनीतिक स्थितियों, विदेशी निवेश प्रवाह और घरेलू आर्थिक संकेतकों पर निर्भर करेगी। फिलहाल विदेशी निवेशकों की वापसी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी भारतीय इक्विटी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

--आईएएनएस

डीबीपी

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