डिजिटल टोलिंग को नई गति, 'फास्टैग एनुअल पास' ने छुआ 1 करोड़ का आंकड़ा: सरकार
नई दिल्ली, 28 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने सोमवार को कहा कि 'फास्टैग एनुअल पास' ने लॉन्च के बाद एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए एक करोड़ उपयोगकर्ताओं का आंकड़ा पार कर लिया है। यह योजना पिछले वर्ष 15 अगस्त को शुरू की गई थी और राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हुई है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, यह वार्षिक पास देशभर के लगभग 1,150 टोल प्लाजा पर लागू है, जिनमें राष्ट्रीय राजमार्ग और राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे शामिल हैं। इस सुविधा के तहत वाहन मालिकों को बार-बार फास्टैग रिचार्ज कराने की जरूरत नहीं पड़ती। एक बार 3,075 रुपए का भुगतान करने पर पास एक वर्ष या 200 टोल क्रॉसिंग तक वैध रहता है।
मंत्रालय ने बताया कि यह सुविधा सभी गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए उपलब्ध है, जिनमें वैध फास्टैग लगा हुआ है। एकमुश्त शुल्क का भुगतान राजमार्ग यात्रा ऐप के माध्यम से करने के बाद वार्षिक पास वाहन से जुड़े मौजूदा फास्टैग पर ही सक्रिय हो जाता है।
सरकार का कहना है कि फास्टैग एनुअल पास को मिल रही बढ़ती स्वीकृति यह दर्शाती है कि यह योजना राष्ट्रीय राजमार्गों पर निर्बाध और किफायती यात्रा को बढ़ावा देने में प्रभावी साबित हो रही है। इससे टोल भुगतान प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बनी है और यात्रियों का समय भी बच रहा है।
इस बीच, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने पिछले महीने 'वनटैग' सुविधा भी शुरू की थी, जो फास्टैग पोर्टेबिलिटी सेवा है। इसके जरिए उपयोगकर्ता अपने वाहन पर लगे मौजूदा फास्टैग को बदले बिना उसका जारीकर्ता बैंक बदल सकते हैं। इससे नए फिजिकल टैग लेने की आवश्यकता समाप्त हो जाती है।
मंत्रालय के अनुसार, देश में फास्टैग की पहुंच अब 98 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है और इसके उपयोगकर्ताओं की संख्या लगभग 13 करोड़ तक पहुंच गई है। फास्टैग ने भारत में इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन प्रणाली को पूरी तरह बदल दिया है और टोल प्लाजा पर पारदर्शिता तथा दक्षता बढ़ाई है।
वनटैग सुविधा के तहत फास्टैग उपयोगकर्ता राजमार्गयात्रा ऐप में लॉग-इन कर अपने वाहन का पंजीकरण नंबर दर्ज कर पात्रता की जांच कर सकते हैं। इसके बाद वर्तमान जारीकर्ता बैंक की ओर से एक 6 अंकों का मोबाइल वेरिफिकेशन कोड (एमवीसी) भेजा जाता है। सत्यापन पूरा होने के बाद उपयोगकर्ता नया जारीकर्ता चुनकर आवश्यक केवाईसी और वॉलेट ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया पूरी कर सकता है।
सरकार का कहना है कि फास्टैग एनुअल पास और वनटैग जैसी सुविधाएं देश की डिजिटल टोलिंग व्यवस्था को और मजबूत करेंगी। साथ ही हाईवे यात्रियों को अधिक सुविधा, लचीलापन और बेहतर यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने में मदद करेंगी।
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