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जुबीन गर्ग मौत मामले में तेज होगी सुनवाई, फास्ट-ट्रैक कोर्ट रोजाना करेगा ट्रायल

गुवाहाटी, 19 मार्च (आईएएनएस)। असम सरकार ने चर्चित सिंगर जुबीन गर्ग की मौत के मामले में एक विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाया है, जो रोजाना इस केस की सुनवाई करेगा। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने दी।
जुबीन गर्ग मौत मामले में तेज होगी सुनवाई, फास्ट-ट्रैक कोर्ट रोजाना करेगा ट्रायल

गुवाहाटी, 19 मार्च (आईएएनएस)। असम सरकार ने चर्चित सिंगर जुबीन गर्ग की मौत के मामले में एक विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाया है, जो रोजाना इस केस की सुनवाई करेगा। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने दी।

सीएम सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए इसे न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि इस फैसले से केस की प्रक्रिया तेज होगी और लंबे समय तक चलने वाली देरी से बचा जा सकेगा।

सीएम सरमा ने अपने पोस्ट में कहा, ''आज जुबीन गर्ग मर्डर केस में इंसाफ की हमारी मिलकर की गई कोशिश में एक अहम पड़ाव है। गुवाहाटी हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ने बक्सा जिले की जिला जज शर्मिला भुयान को फास्ट-ट्रैक कोर्ट का जिम्मा सौंपा है। यह कोर्ट इस मामले पर रोजाना ट्रायल करेगा, जिससे न्याय प्रक्रिया में तेजी आएगी।''

मुख्यमंत्री ने कहा, ''इस तरह की पहल से न्याय व्यवस्था और मजबूत होगी। मैं जस्टिस आशुतोष कुमार और चीफ जस्टिस का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने राज्य सरकार के अनुरोध को स्वीकार करते हुए इस विशेष अदालत के गठन को मंजूरी दी।''

जुबीन गर्ग की मौत 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में सेंट जॉन्स आइलैंड के पास समुद्र में डूबने से हुई थी। शुरुआत में स्कूबा डाइविंग दुर्घटना बताई गई, लेकिन बाद में सामने आया कि वे लाइफ जैकेट के बिना तैर रहे थे और बेहोश होकर डूब गए। हालांकि, उनकी मौत को लेकर विवाद और हत्या की साजिश के आरोप भी सामने आए, जिसके बाद विस्तृत जांच की मांग उठी।

असम पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने जांच के बाद दाखिल चार्जशीट में कुल सात लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें से चार पर हत्या के आरोप लगाए गए हैं, जिनमें एक इवेंट आयोजक, गर्ग के मैनेजर, एक बैंड सदस्य और एक को-सिंगर शामिल है। इन पर गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

वहीं, गर्ग के एक रिश्तेदार, जो असम पुलिस में अधिकारी रह चुके हैं, पर गैर-इरादतन हत्या का आरोप लगाया गया है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद से ही जुबीन गर्ग के परिवार और उनके चाहने वाले लगातार मांग कर रहे थे कि मामले की सुनवाई तेजी से हो। ऐसे में फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन उनके लिए एक राहत भरी खबर मानी जा रही है।

--आईएएनएस

पीके/एबीएम

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