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सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या में फर्जी नंबर प्लेट वाली गाड़ी का इस्तेमाल : बंगाल डीजीपी

कोलकाता, 7 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के सामने आने के बाद बुधवार देर रात सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या से हड़कंप मच गया है। अब तक की जांच में सामने आया है कि हत्या में इस्तेमाल की गई गाड़ी पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी।
सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या में फर्जी नंबर प्लेट वाली गाड़ी का इस्तेमाल : बंगाल डीजीपी

कोलकाता, 7 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के सामने आने के बाद बुधवार देर रात सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या से हड़कंप मच गया है। अब तक की जांच में सामने आया है कि हत्या में इस्तेमाल की गई गाड़ी पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी।

बुधवार रात गोली लगने के बाद चंद्रनाथ रथ को विवासिटी हॉस्पिटल लाया गया था, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। गुरुवार देर रात करीब 1:30 बजे डीजीपी गुप्ता अस्पताल पहुंचे।

उन्होंने कहा, ''हत्या में इस्तेमाल की गई गाड़ी पर फर्जी नंबर प्लेट थी। घटनास्थल से इस्तेमाल किए गए कारतूसों के खोखे और कुछ कारतूस भी बरामद किए गए हैं। मामले की विस्तृत जांच जारी है। फिलहाल मैं इससे ज्यादा जानकारी नहीं दे सकता।''

इस बीच, राज्य पुलिस सूत्रों ने चश्मदीदों के हवाले से बताया कि शुरुआत में ऐसा लगा था कि चंद्रनाथ रथ की कार का काफी देर तक एक चार पहिया गाड़ी पीछा कर रही थी। जब उनकी गाड़ी मध्यग्राम के दोहरिया मोड़ पर पहुंची, तब पीछा कर रही गाड़ी ने उनकी कार को ओवरटेक कर रास्ता रोका और हमलावरों ने उन पर गोली चला दी।

हालांकि, बाद की जांच में पता चला कि चंद्रनाथ रथ की गाड़ी का असल में चुपचाप एक मोटरसाइकिल से पीछा किया जा रहा था।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जब उनकी गाड़ी दोहरिया मोड़ पर पहुंची, तब एक चारपहिया वाहन ने रास्ता रोका और मोटरसाइकिल सवार ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिस सटीक तरीके से वारदात को अंजाम दिया गया, उससे साफ है कि यह पूरी तरह से सुनियोजित हत्या थी और इसमें पेशेवर शूटर शामिल थे।

इस बीच, समीक भट्टाचार्य ने दावा किया कि चंद्रनाथ रथ की हत्या टीएमसी नेतृत्व की साजिश का नतीजा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारी हार से परेशान होकर यह साजिश रची गई।

भट्टाचार्य ने कहा, ''मैं शुरू से कह रहा था कि चुनाव परिणाम आने और नई कैबिनेट बनने के बीच के अंतरिम समय में राज्य में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। तृणमूल कांग्रेस समर्थित गुंडों ने राज्य के कई इलाकों में भाजपा कार्यकर्ता का भेष धरकर हिंसा शुरू कर दी है। अब उन्होंने नेता प्रतिपक्ष के निजी सहायक की हत्या कर संदेश देने की कोशिश की है। मुझे हैरानी नहीं है, क्योंकि यही तृणमूल कांग्रेस की संस्कृति है।''

--आईएएनएस

एएमटी/वीसी

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