नकली दवा रैकेट: कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री बोले- फाइजर की सीएंडएफ एजेंसी ने जांच में सहयोग नहीं किया
बेंगलुरु, 21 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर ने सोमवार को कहा कि फाइजर की सीएंडएफ एजेंसी नकली दवा रैकेट की जांच कर रहे अधिकारियों के साथ सहयोग करने में विफल रही है। खादर ने कहा कि उसने अधिकारियों द्वारा मांगी गई महत्वपूर्ण जानकारी नहीं दी है।
बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए खादर ने कहा कि अधिकारियों ने कंपनी से उसके नेटवर्क के माध्यम से आपूर्ति की गई दवाओं के बारे में जानकारी मांगी थी, लेकिन एजेंसी ने जानकारी देने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।
उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी ने प्रयोगशाला परीक्षण के दौरान दवा घटकों के अनुपात को निर्धारित करने के लिए आवश्यक संदर्भ मानक प्रदान नहीं किया है।
खादर ने कहा कि नकली दवा माफिया के संबंध में हमारे खाद्य सुरक्षा और औषधि नियंत्रण विभाग के अधिकारियों ने पुलिस के साथ मिलकर रैकेट का भंडाफोड़ किया है और एक एसआईटी मामले की जांच कर रही है। दवा माफिया के सरगना की पहचान करने और नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों का पता लगाने के लिए तलाशी जारी है, जिनमें डीलरों से लेकर वे लोग शामिल हैं जिन्हें दवाएं सप्लाई की गईं।
उन्होंने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, खाद्य सुरक्षा और औषधि नियंत्रक आयुक्त श्रीनिवास और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद यह बात कही।
खादर ने बताया कि इस रैकेट के संबंध में 24 केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उनके अनुसार, रैकेट से कथित संबंधों के चलते 17 लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं और सात लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन संस्थाओं ने दवाओं को सस्ते दामों पर खरीदा और उपभोक्ताओं को एमआरपी दरों पर बेचा। विभाग ने उन अस्पतालों और फार्मेसियों का विवरण मांगा था, जिन्हें दवाएं सप्लाई की गई थीं, लेकिन संबंधित संस्थाओं ने कथित तौर पर जानकारी देने से इनकार कर दिया।
खादर ने कहा कि अधिकारियों को सहयोग नहीं दिया गया। इसीलिए उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।
विशेष रूप से फाइजर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया और इटली से कंपनी के उत्पादों के संबंध में काम करने वाली उसकी सीएंडएफ एजेंसी से भी जानकारी मांगी गई थी।
उन्होंने कहा कि हमने मुख्य एजेंटों से जानकारी मांगी, लेकिन उन्होंने इसे देने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।
खादर ने बताया कि विभाग को प्रयोगशाला परीक्षण करने और दवाओं में विभिन्न घटकों के अनुपात का निर्धारण करने के लिए संदर्भ मानकों की भी आवश्यकता होती है।
उन्होंने कहा कि अभी तक संदर्भ मानक भी उपलब्ध नहीं कराया गया है। इस पृष्ठभूमि में, कंपनी ने जांच और प्रयोगशाला परीक्षण में असहयोग किया है।
मंत्री ने कहा कि पूरी आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाने और कथित नकली दवा रैकेट के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए जांच जारी रहेगी।
गौरतलब है कि कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग ने बेंगलुरु के बाहरी इलाके बिदादी में उजागर हुए नकली दवा रैकेट के संबंध में फाइजर सीएंडएफ डिपो के लाइसेंस के साथ-साथ आठ अन्य दवा लाइसेंस भी निलंबित कर दिए हैं।
विभाग ने सोमवार को नागरिकों से वैध कर चालान के आधार पर केवल लाइसेंस प्राप्त फार्मेसियों से दवाएं खरीदने और संदिग्ध पैकेजिंग या लेबल पर स्कैन न होने वाले क्यूआर कोड की सूचना औषधि प्रवर्तन अधिकारियों को देने का आग्रह किया।
--आईएएनएस
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