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एसआईआर विवाद के बीच रिजिजू ने शेयर किया केजरीवाल का 2015 का वीडियो, उठाए सवाल

एसआईआर विवाद के बीच रिजिजू ने शेयर किया केजरीवाल का 2015 का वीडियो, उठाए सवाल
एसआईआर विवाद के बीच रिजिजू ने शेयर किया केजरीवाल का 2015 का वीडियो, उठाए सवाल

नई दिल्ली, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल का 2015 का एक वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में केजरीवाल दिल्ली की वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों और फर्जी या डुप्लीकेट नामों के कारण वोटर लिस्ट में बड़े स्तर पर सुधार की मांग करते हुए दिख रहे हैं।

इस वीडियो ने वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन'(एसआईआर) को लेकर चल रही राजनीतिक खींचतान को और बढ़ा दिया है। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों का जवाब देने के लिए विपक्ष के नेताओं के पुराने बयानों का इस्तेमाल कर रही है।

रिजिजू ने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पर पुराना वीडियो शेयर करते हुए केजरीवाल और कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री की वोटर लिस्ट में पूरी तरह बदलाव की पुरानी मांग, इस प्रक्रिया पर विपक्ष के मौजूदा रुख के उलट है।

रिजिजू ने अपनी पोस्ट में लिखा, "कपिल सिब्बल के बाद एक बार फिर केजरीवाल का पुराना वीडियो सामने आया है जिसमें उन्होंने एसआईआर (वोटर लिस्ट में सुधार) की मांग की थी। इससे वे और राहुल गांधी खुद ही बेनकाब हो गए हैं।"

जनवरी 2015 में दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले केजरीवाल और 'आप' ने वोटर लिस्ट में गंभीर गड़बड़ियों को लेकर सार्वजनिक रूप से चिंता जताई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि लिस्ट में बड़ी संख्या में डुप्लीकेट नाम हैं और एक ही व्यक्ति के पास कई वोटर आईडी कार्ड हैं।

उस समय केजरीवाल ने दावा किया था कि लगभग 3.96 लाख से चार लाख लोगों के पास करीब 11.5 लाख वोटर कार्ड थे, जिससे पता चलता है कि कुछ लोगों के पास दो से चार कार्ड थे।

'आप' ने दिल्ली और पड़ोसी राज्यों (जैसे हरियाणा और उत्तर प्रदेश) की वोटर लिस्ट में समानता को लेकर भी सवाल उठाए थे। पार्टी का आरोप था कि ऐसी गड़बड़ियों से चुनाव के दौरान वोटिंग को प्रभावित करने के लिए लोगों का एक राज्य से दूसरे राज्य में आना-जाना आसान हो सकता है।

इन गड़बड़ियों के खिलाफ अपने अभियान के तहत, 'आप' ने चुनाव आयोग को संदिग्ध डुप्लीकेट वोटर एंट्री वाले डेटा और सीडी सौंपे।

रिजिजू का यह ताजा पोस्ट ऐसे समय में आया है जब 'आप' और कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियां चल रही एसआईआर प्रक्रिया की लगातार आलोचना कर रही हैं। विपक्षी नेताओं ने इस प्रक्रिया को 'वोट चोरी' बताया है, इसे रद्द करने की मांग की है और पुरानी वोटर लिस्ट को बहाल करने को कहा है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे या गिरफ्तारी की भी मांग की है।

सत्ताधारी पार्टी का तर्क है कि जो नेता पहले फर्जी वोटरों को हटाने और वोटर लिस्ट में सुधार की मांग करते थे, वे अब वोटर लिस्ट की जांच और उसे अपडेट करने की प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं।

इससे पहले बुधवार को रिजिजू ने कांग्रेस पर एक और हमला किया। उन्होंने संसद में सीनियर वकील और पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल की उन बातों का ज‍िक्र किया जो उन्होंने वोटर लिस्ट से नाम हटाने के बारे में कही थीं।

रिजिजू ने 'एक्‍स' पर एक पोस्ट में ये बातें कहीं और सिब्बल का एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें वे केंद्रीय कानून मंत्री रहते हुए सदन को संबोधित कर रहे थे। सिब्बल की पुरानी बातों को अहम बताते हुए रिजिजू ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस पार्टी के 'फर्जी वोट चोरी के ड्रामे' का पर्दाफाश कर दिया है।

अपनी पोस्ट में रिजिजू ने कहा: "मुझे कपिल सिब्बल पसंद नहीं हैं क्योंकि वे हमेशा भ्रष्ट, चरमपंथी और असामाजिक तत्वों का बचाव करते हुए पाए जाते हैं। पहली बार, वे मुझे पसंद आए हैं क्योंकि उन्होंने कानून मंत्री के तौर पर संसद में दिए अपने पुराने भाषण के जरिए कांग्रेस पार्टी के फर्जी वोट चोरी के ड्रामे का पर्दाफाश किया है!"

रिजिजू का यह पोस्ट ऐसे समय में आया है जब वोटर लिस्ट और वोटरों के नाम हटाने के आरोपों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव चल रहा है। उन्होंने वोटर लिस्ट से नाम हटाने के बारे में कांग्रेस पार्टी के आरोपों पर सवाल उठाने के लिए सिब्बल की बातों का ज‍िक्र किया।

पूर्व कानून मंत्री कपिल सिब्बल की संसद में दी गई सफाई को शेयर करते हुए, रिजिजू ने यह तर्क दिया कि वोटर लिस्ट से नाम हटाने की प्रक्रिया तय नियमों के तहत होती है और जिन लोगों के नाम गलत तरीके से हटा दिए गए हैं, उनके पास रजिस्ट्रेशन के लिए चुनाव अधिकारियों से संपर्क करने का विकल्प होता है।

वहीं, विपक्ष ने इस प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाना जारी रखा है और पारदर्शिता, जवाबदेही और योग्य वोटरों के नाम छूट जाने की संभावना को लेकर चिंता जताई है।

--आईएएनएस

एएसएच/पीएम

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