Samachar Nama
×

पर्यावरण संरक्षण के लिए हर नागरिक को 'वसुंधरा रक्षक' की भूमिका निभानी चाहिए: पंकजा मुंडे

मुंबई, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और तीव्र शहरीकरण के बीच महाराष्ट्र की पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री पंकजा मुंडे ने बुधवार को अपील की कि प्रत्येक नागरिक पर्यावरण संरक्षण के लिए 'वसुंधरा रक्षक' बनकर आगे आए।
पर्यावरण संरक्षण के लिए हर नागरिक को 'वसुंधरा रक्षक' की भूमिका निभानी चाहिए: पंकजा मुंडे

मुंबई, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और तीव्र शहरीकरण के बीच महाराष्ट्र की पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री पंकजा मुंडे ने बुधवार को अपील की कि प्रत्येक नागरिक पर्यावरण संरक्षण के लिए 'वसुंधरा रक्षक' बनकर आगे आए।

उन्होंने 'वसुंधरा रक्षक' की अवधारणा को मात्र एक पहल नहीं बल्कि एक जन आंदोलन बनाने का संकल्प व्यक्त किया।

विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर मंत्री मुंडे ने 'वसुंधरा रक्षक अभियान 2026' और 'महा-आरपीईटी अभियान' का शुभारंभ किया, राज्य जलवायु कार्रवाई प्रकोष्ठ की वेबसाइट का अनावरण किया और 'उत्सर्जन व्यापार योजना प्रशिक्षण' का उद्घाटन किया।

'वसुंधरा रक्षक' की अवधारणा को मातृत्व से जोड़ते हुए मंत्री मुंडे ने कहा कि वसुंधरा सिर्फ धरती ही नहीं, बल्कि हमारी माता हैं। उनकी रक्षा करना हम सबका दायित्व है। विकास, औद्योगीकरण और वैश्वीकरण के साथ-साथ प्रदूषण भी बढ़ रहा है। इसलिए, संतुलित विकास के मार्ग पर चलते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाना आवश्यक है।

उन्होंने आगे कहा कि 'वसुंधरा रक्षक अभियान' के माध्यम से छत्रपति शिवाजी महाराज के मावलों से प्रेरित होकर राज्य भर में 'वसुंधरा योद्धा' तैयार किए जाएंगे। यह आंदोलन हर गांव और वार्ड तक पहुंचना चाहिए। ये रक्षक प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे।

उन्होंने प्रत्येक नागरिक से वृक्षारोपण, कचरा पृथक्करण और प्लास्टिक के उपयोग को कम करके योगदान देने की अपील भी की।

उन्होंने कहा कि प्रदूषण की गंभीरता का एहसास तब तक नहीं होता जब तक इसके प्रभावों को प्रत्यक्ष रूप से न देखा जाए।

मंत्री मुंडे ने आगे कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव को देखकर बदलाव की आवश्यकता और भी स्पष्ट हो जाती है।

आज की पीढ़ी को पर्यावरणीय परिवर्तनों को समझने में मदद करने के लिए, 'भूतकाल-वर्तमान-भविष्य' की अवधारणा पर आधारित जानकारी और आंकड़े उपलब्ध कराए जाएंगे।”

उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी तकनीकी रूप से उन्नत है, लेकिन पर्यावरण जागरूकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। स्वच्छ हवा और पानी को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना हमारा दायित्व है, न कि केवल धन-दौलत को।

--आईएएनएस

एमएस/

Share this story

Tags