एस्सार पोर्ट्स को कांडला के टूना टेकड़ा मल्टीपर्पज कार्गो टर्मिनल के लिए मिला एलओए
मुंबई, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। एस्सार पोर्ट्स लिमिटेड को गुजरात के कांडला स्थित टूना टेकड़ा में मल्टीपर्पज कार्गो टर्मिनल विकसित करने के लिए दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी (डीपीए) से लेटर ऑफ अवॉर्ड (एलओए) मिला है। यह परियोजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत बिल्ड, ऑपरेट एंड ट्रांसफर (बीओटी) आधार पर विकसित की जाएगी।
वैश्विक प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से एस्सार पोर्ट्स सबसे ऊंची बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में उभरी।
इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 2,276.06 करोड़ रुपए है। इसमें एस्सार पोर्ट्स 1,552.57 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश करेगी, जबकि डीपीए 723.49 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। यह परियोजना एस्सार पोर्ट्स की अपने पोर्टफोलियो का विस्तार करने और भारत के बंदरगाह बुनियादी ढांचा क्षेत्र में अपनी उपस्थिति मजबूत करने की रणनीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
भारत के पश्चिमी तट पर रणनीतिक रूप से स्थित प्रस्तावित टर्मिनल देश के समुद्री बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, माल ढुलाई की क्षमता बढ़ाने और व्यापार वृद्धि को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
एस्सार ग्रुप एक वैश्विक कारोबारी समूह है, जिसे ऊर्जा, बुनियादी ढांचे, धातु एवं खनन, प्रौद्योगिकी और रिटेल क्षेत्रों में विश्वस्तरीय परिसंपत्तियों की परिकल्पना करने, निवेश करने, निर्माण करने और संचालन का पांच दशकों से अधिक का अनुभव है। एस्सार के मौजूदा पोर्ट पोर्टफोलियो में गुजरात, इंडोनेशिया और यूनाइटेड किंगडम में लगभग 60 एमटीपीए (प्रति वर्ष 6 करोड़ टन) की परिचालन क्षमता शामिल है। एस्सार पोर्ट्स के माध्यम से समूह भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपने बंदरगाह कारोबार का विस्तार कर रहा है।
इस घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए एस्सार पोर्ट्स के सीईओ आशीष राजगढ़िया ने कहा, “टूना टेकड़ा परियोजना एस्सार पोर्ट्स के लिए एक निर्णायक क्षण है, क्योंकि हम अपने बंदरगाह कारोबार को फिर से खड़ा करने और उसका विस्तार करने की नई यात्रा शुरू कर रहे हैं। लगभग 2,000 करोड़ रुपए के निवेश वाली यह परियोजना हमारी विकास यात्रा के अगले चरण की नींव बनेगी। हमें विशेष रूप से इस परियोजना को आगे बढ़ाने पर गर्व है, जिसकी आधारशिला माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी। इस निवेश के माध्यम से हम विश्वस्तरीय समुद्री बुनियादी ढांचा विकसित करने और प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 के विजन में योगदान देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं।”
एस्सार ग्रुप के ऑपरेटिंग पार्टनर-इंफ्रास्ट्रक्चर वी. श्रीनिवासन ने कहा, “एस्सार पोर्ट्स अपनी विकास यात्रा के एक महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर रही है। हमारा ध्यान अपने पोर्टफोलियो का विस्तार करने, परिचालन क्षमताओं को मजबूत बनाने और दीर्घकालिक टिकाऊ मूल्य सृजित करने पर है। हमारी रणनीति बंदरगाह बुनियादी ढांचे में अपनी स्थापित विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए भारत की बढ़ती व्यापार और बुनियादी ढांचा संबंधी जरूरतों को पूरा करने वाले अवसरों पर काम करने की है। हम अनुशासित निवेश, परिचालन उत्कृष्टता और एक मजबूत, भविष्य के लिए तैयार कारोबार विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो शेयरधारकों सहित सभी हितधारकों को दीर्घकालिक लाभ प्रदान करे।”
प्रस्तावित टर्मिनल की सालाना माल ढुलाई क्षमता 1.833 करोड़ टन होगी। इसमें चार बर्थ होंगे, जिनमें से प्रत्येक की लंबाई 300 मीटर होगी। इस तरह टर्मिनल में कुल 1,200 मीटर की बर्थ लंबाई उपलब्ध होगी। इस सुविधा को 1,70,000 डेडवेट टन (डीडब्ल्यूटी) तक की क्षमता वाले केप-साइज जहाजों को संभालने के लिए तैयार किया जाएगा। इसमें 18 मीटर तक के ड्राफ्ट वाले जहाजों के संचालन की क्षमता होगी।
परियोजना के तहत डीपीए साझा उपयोग वाले बुनियादी ढांचे की सुविधा उपलब्ध कराएगा। इसमें प्रवेश चैनल, बर्थ पॉकेट और जहाजों के मुड़ने वाले क्षेत्रों की ड्रेजिंग के साथ-साथ एक साझा संपर्क सड़क का निर्माण शामिल है। टर्मिनल का विकास और संचालन लागू पर्यावरणीय आवश्यकताओं तथा ग्रीन पोर्ट पॉलिसी के अनुरूप किया जाएगा।
अतिरिक्त माल ढुलाई सुविधाओं के विकास से मौजूदा ड्राई-कार्गो बर्थ पर दबाव कम होने, परिचालन दक्षता में सुधार और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी मजबूत होने की भी उम्मीद है। बड़े जहाजों के इस्तेमाल से माल परिवहन अधिक कुशल होगा और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।
--आईएएनएस
एबीएस

