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पश्चिम एशिया तनाव के बीच ऊर्जा सुरक्षा पर भारत ने बढ़ाया फोकस: विदेश मंत्रालय

पश्चिम एशिया तनाव के बीच ऊर्जा सुरक्षा पर भारत ने बढ़ाया फोकस: विदेश मंत्रालय
पश्चिम एशिया तनाव के बीच ऊर्जा सुरक्षा पर भारत ने बढ़ाया फोकस: विदेश मंत्रालय

नई दिल्ली, 14 जुलाई (आईएएनएस)। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर की हाल की कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान यात्रा के दौरान ऊर्जा सुरक्षा बातचीत का एक अहम हिस्सा रही। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

नई दिल्ली में मंगलवार को हुई साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में एमईए के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि जयशंकर ने ओमान, कतर, कुवैत और बहरीन के नेताओं व अपने समकक्षों के साथ व्यापार, ऊर्जा और निवेश समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।

जब उनसे पूछा गया कि क्या इन चारों देशों की यात्रा के दौरान ऊर्जा आपूर्ति के लिए वैकल्पिक रास्तों पर भी बात हुई, तो जायसवाल ने बताया क‍ि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने खाड़ी क्षेत्र के चार देशों का दौरा किया। कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान, इन सभी देशों में उन्होंने नेतृत्व से विस्तार से बातचीत की।

जायसवाल ने कहा, "एस. जयशंकर ने इन चारों देशों के अपने समकक्ष मंत्रियों से भी मुलाकात की और व्यापार, ऊर्जा और निवेश जैसे कई मुद्दों पर चर्चा की। ऊर्जा बातचीत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थी। इसके अलावा पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। खाड़ी क्षेत्र में हुई बातचीत में ऊर्जा सुरक्षा एक अहम मुद्दा रही।"

एमईए का यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ रहा है। रविवार को अमेरिका और ईरान के बीच नए सैन्य हमले हुए। इससे पहले तेहरान की ओर से होर्मुज स्‍ट्रेट से गुजर रहे जहाजों पर हमला किया गया था। इस वजह से कूटनीतिक समाधान की उम्मीदों पर असर पड़ा है और दुनियाभर में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है।

होर्मुज स्‍ट्रेट फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है। यहां से खाड़ी देशों से तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) का निर्यात भारत समेत एशिया और दुनिया के अन्य देशों तक पहुंचती है।

जयशंकर 5 से 10 जुलाई तक कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान की आधिकारिक यात्रा पर थे। ओमान यात्रा के दौरान जयशंकर ने ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र अलबुसैदी के साथ बैठक की। दोनों नेताओं ने भारत-ओमान रणनीतिक साझेदारी के सभी पहलुओं की समीक्षा की और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर विचार साझा किए। जयशंकर ने हाल के क्षेत्रीय घटनाक्रमों के दौरान भारतीय नाविकों की मदद के लिए ओमान का धन्यवाद भी किया।

कुवैत में जयशंकर ने क्राउन प्रिंस शेख सबाह अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह और प्रधानमंत्री शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबाह से मुलाकात की। उन्होंने कुवैत के रक्षा मंत्री शेख अब्दुल्ला अली अब्दुल्ला अल-सलेम अल-सबाह और विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह से भी बातचीत की।

एमईए ने बयान में कहा, "इन चर्चाओं से भारत-कुवैत रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा करने और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर आपसी हितों से जुड़े विचारों का आदान-प्रदान करने का मौका मिला।"

जयशंकर 6 से 7 जुलाई तक बहरीन की दो दिवसीय यात्रा पर थे। इस दौरान उन्होंने बहरीन के राजा हमद बिन ईसा अल खलीफा से मुलाकात की। इस बैठक में क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री प्रिंस सलमान बिन हमद अल खलीफा भी मौजूद थे। उन्होंने बहरीन के उप प्रधानमंत्री शेख खालिद बिन अब्दुल्ला अल खलीफा से भी मुलाकात की।

इन बैठकों में जयशंकर ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं। एमईए के अनुसार, उन्होंने बहरीन के साथ रिश्तों को और मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बहरीन में रहने वाले भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए वहां के नेतृत्व का धन्यवाद किया।

जयशंकर और बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुल्लतीफ बिन राशिद अल जायनी के बीच भी बैठक हुई। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की। उन्होंने भारत-बहरीन संबंधों की समीक्षा की और अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर बातचीत की।

इसके अलावा जयशंकर ने कतर के विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने ऊर्जा, व्यापार, निवेश और लोगों के बीच संबंधों पर ध्यान देते हुए द्विपक्षीय रिश्तों की पूरी समीक्षा की। उन्होंने क्षेत्रीय और बहुपक्षीय मुद्दों पर भी चर्चा की।

जयशंकर ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में मध्यस्थता की भूमिका निभाने के लिए कतर की सराहना भी की।

--आईएएनएस

एवाई/वीसी

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