विरोध प्रदर्शनों और रैलियों के बीच इटली में भारतीय नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई
रोम, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। इटली में भारतीय दूतावास ने सोमवार को देश में मौजूद भारतीय नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी में नागरिकों से चल रहे विरोध प्रदर्शनों और रैलियों के बीच सावधानी बरतने और भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचने का आग्रह किया गया।
दूतावास ने कहा कि पिछले सप्ताह इटली के कुछ शहरों में विरोध प्रदर्शन और रैलियां हुईं। हम भारतीय नागरिकों को सावधानी बरतने, भीड़भाड़ वाले इलाकों और उन स्थानों से बचने की सलाह देते हैं जहां प्रदर्शन हो रहे हैं और ऐसी घटनाओं के बारे में स्थानीय समाचारों का अनुसरण करने की सलाह देते हैं।
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने रविवार को कहा कि कानून प्रवर्तन बलों को उन अपराधियों की हिंसा का सामना करना पड़ रहा है जो संगठित समूहों के माध्यम से प्रदर्शनों का फायदा उठा रहे हैं।
मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि एक बार फिर, कानून प्रवर्तन बलों के महिला और पुरुष कर्मियों को अपराधियों की हिंसा का सामना करना पड़ा है।
उन्होंने आगे कहा कि मैं उन सभी के प्रति पूरी एकजुटता और हार्दिक आभार व्यक्त करती हूं। क्योंकि वे नागरिकों, श्रमिकों, व्यापारियों और उन सभी लोगों की सुरक्षा के लिए वहां मौजूद थे, जिन्हें बिना किसी डर के अपने शहर में रहने और उसे गुंडों के गिरोहों द्वारा बर्बाद या जलाए जाने से बचाने का अधिकार है। हम आपके साथ हैं।
शनिवार को मेलोनी ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले प्रदर्शनकारियों के प्रति सम्मान व्यक्त किया और विपक्ष से हिंसा की घटनाओं की निंदा करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि आज शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले हजारों लोगों के प्रति मेरे मन में गहरा सम्मान है, जिनमें सीजीआईएल द्वारा बुलाए गए आंदोलन में भाग लेने वाले लोग भी शामिल हैं, जिसमें वामपंथी नेताओं ने भी हिस्सा लिया। प्रदर्शन चाहे किसी भी विचारधारा के लिए किया जाए, भागीदारी किसी भी स्वस्थ लोकतंत्र की नींव है।
मेलोनी ने कहा कि मिलान में पुलिस बलों पर पत्थर फेंके गए और अधिकारी घायल हो गए। उन्होंने बताया कि ट्यूरिन में पत्थर और खिड़की तोड़ने वाले हथौड़े ले जा रहे लोगों को रोका गया और बोलोग्ना में अशांति के कारण रेलवे स्टेशन को एहतियात के तौर पर बंद करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शनों का फायदा उठाकर अराजकता फैलाने वाले, सुरक्षाकर्मियों पर हमला करने वाले और पूरे शहरों को बंधक बनाने वाले गुंडे हैं।
--आईएएनएस
एमएस/

