'2019 में भाजपा के नाम पर वोट लेकर जनादेश से किया धोखा', दशहरा रैली में एकनाथ शिंदे का उद्धव ठाकरे पर बड़ा हमला
मुंबई, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना के प्रमुख नेता एकनाथ शिंदे ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला करते हुए मंगलवार को दशहरा रैली के दौरान अपने आलोचकों को जवाब दिया।
उन्होंने उद्धव ठाकरे पर 2019 में जनता के जनादेश के साथ धोखा करने और 'पिछले दरवाजे' से मुख्यमंत्री का पद हासिल करने का आरोप लगाया। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने 2019 में चुनाव के बाद गठबंधन में हुए बदलाव को लेकर ठाकरे की राजनीतिक वैधता पर सीधा सवाल उठाया।
उन्होंने कहा कि 2019 में हुआ राजनीतिक बदलाव 'मतदाताओं के साथ एक खुला धोखा' था। आप (उद्धव ठाकरे) 'पिछले दरवाजे' से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने। 2019 में वोटों की सबसे बड़ी चोरी हुई, जब आपने भाजपा के नाम पर चुनाव लड़ा और बाद में महाविकास अघाड़ी के साथ मिलकर सरकार बना ली। यह मतदाताओं के साथ एक बहुत बड़ा धोखा है।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट तक हाल ही में निकाले गए मार्च को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और कहा कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था। शिंदे ने अपने खिलाफ हो रही आलोचनाओं का जवाब देते हुए कृषि समुदाय के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र इस समय सूखे जैसी स्थिति और संकट से जूझ रहा है। आज शिवसेना के 60 साल पूरे हो रहे हैं और हम अपनी परंपराओं को जीवित रखे हुए हैं। किसान संकट में हैं और महाराष्ट्र पर सूखे का साया है। यह समय किसानों की मदद के लिए आगे आने का है, न कि एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने का।
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने खुद को एक किसान का बेटा बताते हुए कहा, "मैं सिर्फ भाषण देने वालों में से नहीं हूं। हम लोगों तक राशन पहुंचाने वाले हैं। जब मैं मुख्यमंत्री था, तब मैंने किसानों को राहत पहुंचाने के लिए नौकरशाही के नियमों को दरकिनार कर दिया था। किसानों के बच्चों की शिक्षा और उनकी शादियों की जिम्मेदारी उठाना शिवसेना का काम है।"
5,000 रुपए के तत्काल वित्तीय पैकेज पर विपक्ष की आलोचना का जवाब देते हुए, उपमुख्यमंत्री ने ग्रामीण सहायता के लिए किए गए आवंटन और योजना का बचाव किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह राशि तत्काल और आपातकालीन सहायता के रूप में दी गई थी। राज्य सरकार ने किसानों के कर्ज पूरी तरह माफ करने के लिए 32,000 करोड़ रुपए की एक बड़ी योजना की घोषणा की है।
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने अपने राजनीतिक विरोधियों पर तंज कसते हुए पूछा, "क्या आपने कभी किसानों को बिस्कुट का एक पैकेट भी बांटा है? उनकी फसलें बर्बाद हो गई हैं, और आप बस विरोध-प्रदर्शन करने में लगे रहते हैं।"
उन्होंने कहा कि वे रोज-रोज की बयानबाजी में उलझने के बजाय, अपने विकास कार्यों और जमीनी स्तर पर किए गए प्रयासों के जरिए राजनीतिक विरोधियों को जवाब देंगे।
--आईएएनएस
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