पलानीस्वामी का आरोप- 'डेंगू के बढ़ते मामलों को रोकने में नाकाम तमिलनाडु सरकार'
चेन्नई, 24 सितंबर (आईएएनएस)। एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने तमिलनाडु सरकार पर डेंगू के प्रसार के खिलाफ तेजी से कार्रवाई करने में विफल रहने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों पर दबाव है और लोगों को तुरंत सुरक्षा की जरूरत है।
पलानीस्वामी ने अपने एक बयान में कहा कि टीवीके सरकार के रोकथाम उपाय न करने की वजह से पूरे राज्य में मामले बढ़े हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों के बेड भर रहे हैं। उन्होंने इलाज की सुविधाओं और मच्छरों को कंट्रोल करने के काम को तुरंत बढ़ाने की मांग की।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 21 सितंबर तक तमिलनाडु में डेंगू के 17,348 मामले और स्क्रब टाइफस के 4,653 मामले दर्ज किए गए थे। आंकड़ों के अनुसार, सिर्फ 21 सितंबर को डेंगू के 71 मामलों की पुष्टि हुई।
पलानीस्वामी ने कहा कि सरकार ने डेंगू के बारे में जनता और मीडिया की चेतावनियों को नजरअंदाज किया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अन्ना विश्वविद्यालय में एक छात्र की मौत के बाद सरकार ने छात्र के कथित स्क्रब टाइफस संक्रमण पर ध्यान केंद्रित करके जन स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से ध्यान हटाने की कोशिश की है।
उन्होंने डेंगू को नियंत्रित करने के उपायों पर जन स्वास्थ्य निदेशक की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अरुणराज की अनुपस्थिति की आलोचना की। पलानीस्वामी ने कहा कि जन जागरूकता वीडियो जमीनी कार्रवाई का विकल्प नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री चुनाव प्रचार पर ध्यान केंद्रित कर रहे थे।
एआईएडीएमके नेता ने मंत्री के इस दावे का खंडन किया कि डेंगू के मामले पिछले वर्षों की तुलना में कम हैं। उन्होंने कहा कि सितंबर 2025 के पहले 20 दिनों की तुलना में इन्फेक्शन तेज से बढ़ा है। उन्होंने मंत्री पर गुमराह करने वाली तस्वीर पेश करने के लिए दूसरे समय के आंकड़ों पर भरोसा करने का आरोप लगाया।
पलानीस्वामी ने सरकार से आग्रह किया कि वह यह सुनिश्तित करे कि डेंगू से पीड़ित मरीजों को समय पर इलाज मिले और अस्पतालों में पर्याप्त दवाएं, बेड और डॉक्टर हों। उन्होंने मच्छरों के पनपने की जगहों की पहचान करने और उन्हें हटाने के लिए हर गली में लगातार मेडिकल कैंप और घर-घर जाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि पिछली एआईएडीएमके सरकारों के दौरान मच्छरों पर मच्छर नियंत्रण और स्वच्छता कार्यों को जल्दी बढ़ाया गया था, जिससे संक्रमण और मौतों को रोकने में मदद मिली। उन्होंने कहा कि सरकार को अब इमरजेंसी में अपना काम तेज करना चाहिए, ताकि बीमारी फैलने से रोका जा सके और लोगों की चिंता दूर की जा सके।
उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि वे फील्ड टीमों को आस-पड़ोस का निरीक्षण करने और प्रजनन स्थलों को नष्ट करने के लिए साफ निर्देश जारी करें।
--आईएएनएस
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