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नगरपालिका भर्ती घोटाला : ईडी ने पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री रथिन घोष को पूछताछ के लिए फिर बुलाया

कोलकाता, 20 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित नगर पालिका भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की। एजेंसी ने राज्य की पूर्व ममता बनर्जी सरकार में खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रहे रथिन घोष को दोबारा पूछताछ के लिए समन जारी किया।
नगरपालिका भर्ती घोटाला : ईडी ने पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री रथिन घोष को पूछताछ के लिए फिर बुलाया

कोलकाता, 20 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित नगर पालिका भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की। एजेंसी ने राज्य की पूर्व ममता बनर्जी सरकार में खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रहे रथिन घोष को दोबारा पूछताछ के लिए समन जारी किया।

यह मामला नगरपालिकाओं में नौकरी दिलाने के बदले कथित तौर पर करोड़ों रुपए लेने से जुड़ा है।

रथिन घोष उत्तर 24 परगना जिले की मध्यमग्राम विधानसभा सीट से चार बार विधायक रह चुके हैं और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। ईडी ने उन्हें 25 मई की दोपहर तक कोलकाता के साल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में उपस्थित होने को कहा है।

नगरपालिका भर्ती घोटाले में ईडी इससे पहले भी कई बार रथिन घोष को पूछताछ के लिए बुला चुकी है। हालांकि, हर बार उन्होंने चुनाव प्रचार और राजनीतिक व्यस्तताओं का हवाला देकर पेश होने से बचने की कोशिश की। आखिरकार 15 मई को वह ईडी कार्यालय पहुंचे, जहां उनसे करीब 10 घंटे तक लंबी पूछताछ की गई थी।

उस दिन ईडी दफ्तर में प्रवेश करते समय रथिन घोष ने मीडिया से कहा था कि उन्हें नहीं पता कि उन्हें क्यों बुलाया गया है। हालांकि, पूछताछ खत्म होने के बाद बाहर निकलते वक्त उन्होंने कोई बयान नहीं दिया। अब एजेंसी ने उन्हें फिर से आगे की पूछताछ के लिए तलब किया है।

इसी मामले में तत्कालीन ममता बनर्जी सरकार में पूर्व अग्निशमन मंत्री और तीन बार विधायक रह चुके सुजीत बोस फिलहाल ईडी की हिरासत में हैं। सुजीत बोस इस बार उत्तर 24 परगना जिले की अपनी पारंपरिक बिधाननगर विधानसभा सीट से चुनाव हार गए थे।

ईडी को इस बहुचर्चित नगरपालिका भर्ती घोटाले की जानकारी सबसे पहले तब मिली थी, जब एजेंसी पश्चिम बंगाल के स्कूल भर्ती घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तृणमूल कांग्रेस से जुड़े प्रमोटर अयान शील के घर छापेमारी कर रही थी। जांच के दौरान कई अहम दस्तावेज और सूचनाएं सामने आईं, जिसके बाद नगरपालिका भर्ती घोटाले की परतें खुलनी शुरू हुईं।

बाद में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने भी कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश पर इस मामले में समानांतर जांच शुरू की। जैसे-जैसे ईडी और सीबीआई की जांच आगे बढ़ी, वैसे-वैसे कई प्रभावशाली राजनीतिक नेताओं और मंत्रियों के नाम भी सामने आने लगे।

--आईएएनएस

वीकेयू/एबीएम

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