ईडी ने चिट फंड घोटाले के मामले में वाईएसआर कांग्रेस के नेता से जुड़ी जगहों पर ली तलाशी
विशाखापत्तनम, 5 अगस्त (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को चिट फंड घोटाले के मामले में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेता मल्ला विजय प्रसाद से जुड़ी जगहों पर तलाशी ली।
ईडी के अधिकारियों ने विशाखापत्तनम और हैदराबाद में पांच जगहों पर एक साथ तलाशी ली। यह तलाशी पूर्व विधायक और 'वेलफेयर ग्रुप ऑफ कंपनीज' के चेयरमैन के घर, ऑफिस और दूसरी जगहों पर ली गई।
बताया जा रहा है कि ये छापे केंद्रीय एजेंसी की उस जांच का हिस्सा थे, जिसमें कई राज्यों में फैले कथित चिट फंड घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच की जा रही है।
केंद्रीय एजेंसी, विजया प्रसाद और 'वेलफेयर ग्रुप ऑफ कंपनीज' के खिलाफ लगे आरोपों की जांच कर रही है। खबर है कि ओडिशा और पश्चिम बंगाल के ईडी अधिकारी भी इस तलाशी अभियान में शामिल हैं।
तलाशी के दौरान पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। विजया प्रसाद विशाखापत्तनम वेस्ट विधानसभा क्षेत्र के लिए वाईएसआरसीपी के कोऑर्डिनेटर हैं।
इससे पहले ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में उनके खिलाफ कुछ मामले दर्ज किए गए थे।
2021 में ओडिशा पुलिस ने उन्हें 2019 के चिट फंड मामले में कथित तौर पर शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उस समय वे 'आंध्र प्रदेश एजुकेशन एंड वेलफेयर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन' के चेयरमैन थे।
ओडिशा पुलिस ने कथित चिट फंड धोखाधड़ी के सिलसिले में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) पीसी और एमसी स्कीम (प्रतिबंध अधिनियम) 1978 और ओपीआईडी अधिनियम 2011 की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए थे।
आरोप था कि वे 1,200 करोड़ रुपए के चिट फंड घोटाले में शामिल थे, जिसमें आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों के हजारों जमाकर्ताओं को कथित तौर पर धोखा दिया गया था।
2016 में सीबीआई ने भी चिट फंड घोटालों के सिलसिले में उनके खिलाफ दो मामले दर्ज किए थे। एजेंसी ने उनके ऑफिस और घर पर तलाशी ली थी।
विजया प्रसाद 2009 में कांग्रेस के टिकट पर विशाखापत्तनम वेस्ट विधानसभा क्षेत्र से आंध्र प्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए थे। 2019 के चुनावों से पहले वे वाईएसआर कांग्रेस में शामिल हो गए और उसी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था लेकिन हार गए थे।
--आईएएनएस
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