'जारकीहोली पर ईडी की छापेमारी को बेवजह राजनीतिक रंग दिया जा रहा', कर्नाटक भाजपा का कांग्रेस पर हमला
बेंगलुरु, 9 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री सतीश जारकीहोली के आवास और अन्य ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी को लेकर बुधवार को राज्य भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ कांग्रेस इस कार्रवाई को बेवजह राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही है।
राज्य भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र, पूर्व सीएम जगदीश शेट्टार और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नलिन कुमार कटील ने कहा कि ईडी की कार्रवाई को जांच एजेंसी की प्रक्रिया के रूप में देखा जाना चाहिए और इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताना उचित नहीं है।
बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि मंत्री सतीश जारकीहोली के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी ऐसे समय हुई है, जब भाजपा की 'बेल्लारी चलो' पदयात्रा अपने अंतिम चरण में है, लेकिन यह केवल एक संयोग है।
उन्होंने कहा, ''हमारी 'बेल्लारी चलो' पदयात्रा अंतिम चरण में है। ईडी की कार्रवाई का इससे कोई संबंध नहीं है। यह संयोग हो सकता है। जांच से क्या तथ्य सामने आते हैं, इसका इंतजार करना चाहिए। यह सार्वजनिक रूप से चर्चा का विषय है कि कांग्रेस सरकार भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी है।''
विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भ्रष्टाचार-मुक्त सरकार देने के बड़े-बड़े दावे करते रहे हैं, जबकि उनकी सरकार के कई मंत्री भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे हैं। भ्रष्टाचार के आरोप झेल रहे लोगों को मंत्रिमंडल से बाहर करने की मांग को लेकर हमें आंदोलन करना पड़ा। कई मंत्री भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे हैं।''
पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा सांसद जगदीश शेट्टर ने भी ईडी कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने पहले ही इस छापेमारी को राजनीतिक रंग देना शुरू कर दिया है। मैं हमेशा कहता रहा हूं कि ईडी हो या सीबीआई, ये एजेंसियां अपने पास मौजूद जानकारी और सबूतों के आधार पर कार्रवाई करती हैं। जब कांग्रेस केंद्र की सत्ता में थी, तब भी ये एजेंसियां इसी तरह काम करती थीं।
पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नलिन कुमार कटील ने दावा किया कि पार्टी लंबे समय से कांग्रेस सरकार में भ्रष्टाचार के आरोप लगाती रही है। मौजूदा जांच से सरकार के अन्य मंत्रियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।
उन्होंने कहा, ''हम लगातार कहते रहे हैं कि कांग्रेस सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त है। हमारी पदयात्रा समाप्त होने तक अगर दो या तीन मंत्रियों को पद से हटाया जाता है तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं होगा। ईडी कांग्रेस सरकार से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर कर रही है।''
अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय के नेताओं को निशाना बनाए जाने के कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा नेताओं ने कहा कि ईडी एक स्वतंत्र जांच एजेंसी है और उसकी कार्रवाई को किसी व्यक्ति की जातीय या सामाजिक पृष्ठभूमि से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
गौरतलब है कि सतीश जारकीहोली और उनके सहयोगियों के खिलाफ ईडी की कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में नया विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को परेशान करने के लिए कर रही है, जबकि भाजपा का कहना है कि यह कार्रवाई कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच का हिस्सा है।
--आईएएनएस
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