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विजयन के ठिकानों पर ईडी के छापे से सियासी बवाल, विपक्ष का केंद्र पर 'राजनीतिक बदला' लेने का आरोप

कोच्चि, 27 मई (आईएएनएस)। विवादित एक्सालाजिक-सीएमआरएल पेमेंट विवाद से जुड़े अलग-अलग ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी से बुधवार को केरल में तीखी राजनीतिक तकरार शुरू हो गई। इसमें भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक बदले के लिए करने का आरोप लगाया। वहीं, भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी वीणा विजयन से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन पर जवाब मांगा।
विजयन के ठिकानों पर ईडी के छापे से सियासी बवाल, विपक्ष का केंद्र पर 'राजनीतिक बदला' लेने का आरोप

कोच्चि, 27 मई (आईएएनएस)। विवादित एक्सालाजिक-सीएमआरएल पेमेंट विवाद से जुड़े अलग-अलग ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी से बुधवार को केरल में तीखी राजनीतिक तकरार शुरू हो गई। इसमें भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक बदले के लिए करने का आरोप लगाया। वहीं, भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी वीणा विजयन से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन पर जवाब मांगा।

ईडी की छापेमारी के बाद राज्य के अलग-अलग हिस्सों में सीपीआई (एम) कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और पार्टी के कई नेताओं ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई केरल के पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ राजनीतिक बदले की भावना से की गई है।

जांच के तहत ईडी ने कई जगहों पर तलाशी ली, जिनमें पिनाराई विजयन, उनकी बेटी वीणा विजयन और राज्य के पूर्व मंत्री व दामाद पीए मोहम्मद रियास के घर शामिल हैं। इन तलाशी अभियानों ने तुरंत ही एक राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने लगे।

सीपीआई (एम) के महासचिव एमए बेबी ने इन छापों की कड़ी निंदा की और आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार जांच एजेंसियों के ज़रिए विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है। एक बयान में, पार्टी ने कहा कि इन छापों का मकसद विजयन और सीपीआई (एम) को डराना है।

केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा कि राज्य सरकार को ईडी के इस ऑपरेशन के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी और छापेमारी के दौरान केंद्रीय एजेंसी ने केरल पुलिस से कोई मदद भी नहीं मांगी थी।

चेन्निथला ने पत्रकारों से कहा, "केरल सरकार या गृह मंत्रालय को इस छापेमारी के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने हमसे कोई मदद भी नहीं मांगी। इसलिए, हमें इस छापेमारी की कोई जानकारी नहीं है। यह सवाल ईडी से ही पूछा जाना चाहिए।"

हालांकि, भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधायक वी मुरलीधरन ने सीपीआई (एम) की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए और सीएमआरएल द्वारा वीणा विजयन को कथित तौर पर किए गए भुगतानों पर स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने पूछा कि अगर आपके हाथ साफ हैं, तो घबराहट क्यों? क्या पार्टी यह बता सकती है कि सीएमआरएल ने पिनाराई विजयन की बेटी को पैसे क्यों दिए?

सीपीआई (एम) की केरल इकाई ने भी ईडी की कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे संघवाद, लोकतंत्र और राजनीतिक विरोध के संवैधानिक अधिकार पर एक सोची-समझी चोट बताया।

पार्टी ने केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाया और पूछा कि क्या यूडीएफ विजयन के खिलाफ चल रही इस बदले की कार्रवाई में शामिल है।

सीपीआई (एम) की केरल इकाई ने कहा, "जो नेता लगातार भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को चुनौती देते हैं और संघ परिवार की राजनीति के आगे झुकने से इनकार करते हैं, उन्हें डरा-धमकाकर, मीडिया ट्रायल और चुनिंदा जांचों के ज़रिए निशाना बनाया जा रहा है। जब राजनीतिक विरोधियों को लोकतांत्रिक तरीके से हराया नहीं जा पाता, तो भाजपा विरोध की आवाज को दबाने और परेशान करने के लिए ईडी, सीबीआई और आयकर के छापों का सहारा लेती है।"

सीपीआई (एम) की केरल इकाई ने कहा कि यह महज एक जांच नहीं है बल्कि यह संघवाद, लोकतंत्र और राजनीतिक विरोध के संवैधानिक अधिकार पर एक सोची-समझी चोट है।

वहीं, एक फेसबुक पोस्ट में रियास ने कहा कि सीपीआई(एम) कार्यकर्ता संघ परिवार के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखेंगे और ऐसी कार्रवाइयों से नहीं डरेंगे। उन्होंने कहा, "आप हमले कर सकते हैं लेकिन हम संघ परिवार के सामने कभी नहीं झुकेंगे। हम अपनी आखिरी सांस तक लड़ाई जारी रखेंगे।"

इस बीच बुधवार को विजयन और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ ईडी की कार्रवाई के बाद सीपीआई (एम) कार्यकर्ताओं और पार्टी से जुड़े ट्रेड यूनियन के कार्यकर्ताओं ने पूरे केरल में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किए।

--आईएएनएस

पीएसके/पीएम

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