चिट फंड मामले की जांच में ईडी ने बंगाल के कई स्थानों पर की छापेमारी
कोलकाता, 9 जुलाई (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल में कई स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई क्रिप्टोकरेंसी निवेश, शेयर बाजार प्रशिक्षण योजनाओं और संदिग्ध धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) से जुड़े कथित चिट फंड धोखाधड़ी मामले की जारी जांच के तहत की गई।
छापेमारी की एक कार्रवाई पश्चिम बर्दवान जिले के अंडाल में स्थित ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (ईसीएल) कर्मचारी दिलीप मलिक के आवास पर की गई। इसके अलावा, हावड़ा जिले में सौरव चटर्जी के घर और नदिया जिले में कारोबारी शुभ्र कांति नाग उर्फ बाबाई नाग से जुड़े परिसरों पर भी तलाशी ली गई। तलाशी अभियान के दौरान सभी स्थानों पर केंद्रीय बलों की तैनाती की गई।
जानकारी के अनुसार, दिलीप मलिक अंडाल के श्रीपल्ली सुभाषनगर रिक्शाडांगा इलाके के निवासी हैं और अपने परिवार के साथ वहीं रहते हैं। सूत्रों के मुताबिक, दिलीप और उनके बेटे दिगंत मलिक पर क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है।
आरोप है कि पिता-पुत्र ने लोगों को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के लिए प्रोत्साहित कर ठगने के उद्देश्य से कोलकाता के फेयरली प्लेस में एक कार्यालय खोला था। बताया जाता है कि आरोपी दिगंत ने सोशल मीडिया के व्यापक प्रचार-प्रसार के जरिए करोड़ों रुपये जुटाए।
केंद्रीय जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, उनके तार दुबई के एक कारोबारी से जुड़े हुए हैं। यह भी आरोप है कि इस धन को विदेश में मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए खपाया गया। जानकारी के मुताबिक, दिगंत को पहले भी गिरफ्तार किया गया था, हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई। हाल ही में केंद्रीय जांच एजेंसी को दिगंत के बैंक खाते में भारी धनराशि के लेनदेन के सुराग मिले, जिसके बाद गुरुवार सुबह अधिकारियों ने अंडाल स्थित उनके घर पर छापा मारा।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हावड़ा के बेत्रा थाना क्षेत्र के कुचिल सरकार लेन निवासी सौरव चटर्जी के घर पर भी तलाशी ली। आरोप है कि सौरव कई चिट फंड कंपनियों और शेयर बाजार से जुड़े कारोबारों से संबद्ध हैं।
इसके अलावा, ईडी नदिया जिले के कालीनारायणपुर निवासी कारोबारी शुभ्र कांति नाग उर्फ बाबाई नाग के घर पर भी तलाशी अभियान चला रही है। आरोप है कि शुभ्र कांति ने शेयर बाजार प्रशिक्षण और निवेश के नाम पर 'स्टॉक गुरुकुल' नामक एक फर्जी चिट फंड कंपनी शुरू की थी। उनकी कंपनी पर गबन और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगे हैं।
--आईएएनएस
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