चुनाव आयोग ने राज्यों में मतदाता सूची से छूटे हुए लोगों को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने के दिए निर्देश
नई दिल्ली, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। चुनाव आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची से छूटे हुए पहली बार या युवा मतदाताओं को नामांकन के लिए एक "विशेष अभियान" चलाने के निर्देश दिए हैं।
सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) को भेजे गए एक पत्र में आयोग ने कहा कि यह विशेष अभियान पहली बार वोट देने वाले और युवा मतदाताओं के साथ उन मतदाताओं पर केंद्रित होगा जो छूट गए हैं। यह निर्देश आयोग के 29 सितंबर के पत्र और 1 अक्टूबर को सभी सीईओ के साथ हुई बैठक के बाद जारी किया गया है।
चुनाव आयोग ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं की गिनती के चरण में प्रत्येक बूथ लेवल ऑफिसर ने अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट श्रेणी के मतदाताओं की एक सूची तैयार की, साथ ही उनके नाम शामिल न होने के संभावित कारण भी बताए।
इस सूची को संबंधित पंचायत भवनों और शहरी स्थानीय निकाय कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित किया गया। इसे बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) और राजनीतिक दलों के साथ भी साझा किया गया और संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइटों पर भी अपलोड किया गया।
इसके बाद, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पब्लिश की गई और पॉलिटिकल पार्टियों के साथ शेयर की गई, साथ ही सीईओ की वेबसाइट्स पर भी अपलोड की गई। बाद में, इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (ईआरओ) द्वारा दावों और आपत्तियों पर फैसला लेने के बाद फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश की गई।
आयोग ने कहा कि फाइनल वोटर लिस्ट में वे वोटर्स शामिल हैं, जिन्हें ड्राफ्ट लिस्ट पब्लिश होने के बाद जोड़ा या हटाया गया था। इसलिए, प्री-एसआईआर वोटर लिस्ट की तुलना में, फाइनल लिस्ट में गिनती के चरण (एन्यूमरेशन फेज) के दौरान हटाए गए नामों के साथ-साथ ड्राफ्ट लिस्ट पब्लिश होने के बाद जोड़े और हटाए गए नामों को भी दिखाया गया है।
ईसीआई ने इस बात पर जोर दिया कि वोटर एनरोलमेंट एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है और जो लोग अभी तक एनरोल नहीं हुए हैं या जिनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं, वे किसी भी समय एनरोलमेंट के लिए अप्लाई कर सकते हैं।
कमीशन ने कहा, "इस स्पेशल ड्राइव का मकसद ऐसे वोटर्स की पहचान करना और उनकी मदद करना है।"
इस प्रक्रिया के तहत, बीएलओ को मौजूदा वोटर लिस्ट की तुलना प्री-एसआईआर लिस्ट से करने और उन वोटर्स की लिस्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है जिनके नाम पिछली लिस्ट में थे लेकिन मौजूदा लिस्ट में नहीं हैं।
इसके बाद बीएलओ पहचाने गए वोटर्स की मौजूदा स्थिति का पता लगाने के लिए घर-घर जाकर जांचेंगे और जहां भी वे योग्य पाए जाएंगे, वहां फॉर्म 6 के ज़रिए उनके एनरोलमेंट में मदद करेंगे।
आयोग ने बीएलओ से कहा है कि वे हर हफ़्ते कम से कम 20-25 वोटर्स को कवर करें ताकि यह प्रक्रिया लगभग एक महीने में पूरी हो सके। वे पहचाने गए हर वोटर्स की मौजूदा स्थिति भी रिकॉर्ड करेंगे और उन लोगों को चिह्नित करेंगे जिनके लिए फॉर्म 6 भरा गया है।
घर-घर जाकर जांच के दौरान बीएलओ रजिस्ट्रेशन के लिए योग्य किसी भी छूटे हुए, पहली बार वोट देने वाले या युवा वोटर के एनरोलमेंट में भी मदद करेंगे।
बीएलओ द्वारा तैयार की गई लिस्ट मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलओ के साथ शेयर की जाएंगी। बीएलओ ये लिस्ट, भरे हुए फॉर्म 6 एप्लीकेशन और फील्ड वेरिफिकेशन रिपोर्ट संबंधित ईआरओ भी सौंपेंगे।
ईआरओ इन मामलों की जांच करेंगे और 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950' और 'मतदाता पंजीकरण नियम, 1960' के प्रावधानों के अनुसार उचित कार्रवाई करेंगे।
इस प्रक्रिया के पूरा होने पर ईआरओ बूथ-वार लिस्ट राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ शेयर करेंगे। इससे उन्हें उन योग्य मतदाताओं की पहचान करने और उनके नाम जुड़वाने में मदद करने का एक और मौका मिलेगा, जो शायद छूट गए हों।
आयोग ने अधिकारियों को नाम जुड़वाने के एप्लीकेशन जमा करने में आसानी के लिए 'बूथ लेवल कैंप' आयोजित करने का भी निर्देश दिया है। नाइट शेल्टर और लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के लिए विशेष कैंप आयोजित किए जा सकते हैं।
सीईओ, जिला चुनाव अधिकारियों (डीईओ) और ईआरओ से कहा गया है कि वे शिक्षण संस्थानों, स्थानीय आउटरीच कार्यक्रमों, एसवीईईपी गतिविधियों, नियमित प्रेस ब्रीफिंग और अन्य उपयुक्त मंचों के माध्यम से जागरूकता और लोगों को जोड़ने की गतिविधियां चलाएं।
इसका मकसद यह पक्का करना है कि हर योग्य नागरिक को वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के मौके के बारे में पता चले।
चुनाव आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि इस विशेष अभियान की प्रगति पर बारीकी से नज़र रखी जाए और सीईओ, डीईओ और ईआरओ के स्तर पर नियमित रूप से समीक्षा की जाए।
सीईओ को निर्देश दिया गया है कि वे इस प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से लागू करने और यह पक्का करने के लिए यह विशेष अभियान सभी योग्य नागरिकों तक पहुंचे, सभी संबंधित डीईओ, ईआरओ और बीएलओ को जरूरी निर्देश जारी करें।
--आईएएनएस
ओपी/पीएम

