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पीएम मोदी ने मिशन प्रमुख सम्मेलन में दिया '3टी' मंत्र: विदेश मंत्री जयशंकर बोले 'कूटनीति के लिए ये अहम'

नई दिल्ली, 1 मई (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 11वें मिशन प्रमुखों (एचओएम) के सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिए संबोधन को बेहतरीन क्षण के रूप में परिभाषित किया। विदेश मंत्री के मुताबिक पीएम ने भारत की कूटनीतिक में व्यापार, प्रौद्योगिकी और पर्यटन (ट्रेड, टेक्निक और टूरिज्म) - "3टी" - के बढ़ते महत्व को जिस तरह रेखांकित किया वो अहम है।
पीएम मोदी ने मिशन प्रमुख सम्मेलन में दिया '3टी' मंत्र: विदेश मंत्री जयशंकर बोले 'कूटनीति के लिए ये अहम'

नई दिल्ली, 1 मई (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 11वें मिशन प्रमुखों (एचओएम) के सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिए संबोधन को बेहतरीन क्षण के रूप में परिभाषित किया। विदेश मंत्री के मुताबिक पीएम ने भारत की कूटनीतिक में व्यापार, प्रौद्योगिकी और पर्यटन (ट्रेड, टेक्निक और टूरिज्म) - "3टी" - के बढ़ते महत्व को जिस तरह रेखांकित किया वो अहम है।

एक्स पोस्ट में, जयशंकर ने अपनी बात रखी। कहा कि कॉन्फ्रेंस में हुई बातचीत में नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी, प्रवासी भारतीयों के साथ गहरे जुड़ाव और लचीलेपन के साथ डी-रिस्किंग (जोखिम करने) की जरूरत पर भी फोकस किया गया।

उन्होंने एक पोस्ट में लिखा, “कॉन्फ्रेंस को सरकार, व्यापार और तकनीक की दुनिया के दिग्गजों के विचारों से फायदा हुआ। इसके अलग-अलग सेशन के दौरान विचारों का एक्टिव लेन-देन थीम: ‘2047 के लिए इंडियन डिप्लोमेसी में सुधार’ के मुताबिक था।”

पीएम मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली में 'हेड्स ऑफ मिशन्स कॉन्फ्रेंस' में विदेश नीति पर चर्चा की थी।

11वीं हेड्स ऑफ मिशन्स (एचओएम) कॉन्फ्रेंस का आयोजन विदेश मंत्रालय की ओर से 28 अप्रैल-30 अप्रैल तक नई दिल्ली के पूसा रोड स्थित नेशनल एग्रीकल्चरल साइंस कॉम्प्लेक्स में किया गया था।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस साल की एचओएम कॉन्फ्रेंस "2047 की भारतीय कूटनीति में सुधार" विषय पर केंद्रित था।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को मिशन प्रमुखों को संबोधित किया और विदेशों में भारत के राष्ट्रीय हितों को बढ़ावा देने के लिए जरूरी सलाह दी।

पीएम मोदी ने एक्स पोस्ट में लिखा, “हमने व्यापार, टेक्नोलॉजी और स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को आगे बढ़ाकर भारत के ग्लोबल जुड़ाव को मजबूत करने और प्रवासियों के साथ संबंध को गहरा करने पर विस्तार से चर्चा की।”

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली में '2047 के लिए भारतीय कूटनीति में सुधार' विषय पर आयोजित 11वें मिशन प्रमुख सम्मेलन को संबोधित किया। प्रधानमंत्री को भविष्य के लिए तैयार कूटनीति, तीन तृतीय कारकों (व्यापार, प्रौद्योगिकी और पर्यटन) को बढ़ावा देने और भारत की गाथा को व्यापक बनाने पर प्रस्तुतियां दी गईं।

उन्होंने मिशन प्रमुखों से भारत की वैश्विक भागीदारी को मजबूत करने के संबंध में विचार और वरिष्ठ एवं युवा राजनयिकों के दृष्टिकोण भी सुने। प्रधानमंत्री ने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भारत की कूटनीतिक भागीदारी पर अपने विचार और सुझाव भी साझा किए और मार्गदर्शन प्रदान किया।

सम्मेलन में भारत के राजदूतों, उच्चायुक्तों और वरिष्ठ अधिकारियों ने तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य के बीच देश की राजनयिक पहुंच को बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया।

बता दें कि इस वर्ष के मिशन प्रमुख सम्मेलन का मुख्य विषय '2047 के लिए भारतीय कूटनीति में सुधार' था। तीन दिनों के दौरान, एचओएम ने योग सत्र, विचार-मंथन सत्र, टेबल टॉप अभ्यास और विभिन्न भू-राजनीतिक घटनाक्रमों, उभरती प्रौद्योगिकियों, उटी (व्यापार, प्रौद्योगिकी और पर्यटन), भारत की गाथा और भविष्य के लिए तैयार कूटनीति पर चर्चा में भाग लिया।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 29 अप्रैल को उद्घाटन भाषण दिया था। उन्होंने एक्स पर लिखा था, "नई दिल्ली में आयोजित 11 वें मिशन प्रमुख सम्मेलन में मैंने भारत के उच्चायुक्तों, राजदूतों और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित किया। हमारी बातचीत में पिछले दशक में विश्व के साथ भारत की भागीदारी में हुए महत्वपूर्ण विस्तार को मान्यता दी गई। एक अस्थिर और अशांत विश्व में, भारतीय कूटनीति राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाने और राष्ट्रीय लक्ष्यों को सुरक्षित करने के लिए तत्पर है।"

--आईएएनएस

केआर/

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