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संयुक्त राष्ट्र महासभा: विदेश मंत्री जयशंकर ने खाड़ी और रूस-यूक्रेन संघर्षों को समाप्त करने का आह्वान किया

संयुक्त राष्ट्र महासभा: विदेश मंत्री जयशंकर ने खाड़ी और रूस-यूक्रेन संघर्षों को समाप्त करने का आह्वान किया
संयुक्त राष्ट्र महासभा: विदेश मंत्री जयशंकर ने खाड़ी और रूस-यूक्रेन संघर्षों को समाप्त करने का आह्वान किया

संयुक्त राष्ट्र, 27 सितंबर (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को खाड़ी क्षेत्र और यूक्रेन में जारी लड़ाई को खत्म करने की अपील की। उन्होंने कहा कि‍ यह संघर्ष अपने क्षेत्रों से कहीं दूर तक तरक्की को खतरे में डाल रहे हैं और विकास की रफ्तार धीमी कर रहे हैं।

जयशंकर ने कहा कि हालात बेहतर बनाने के लिए भारत हर संभव मदद करने को तैयार है, खासकर खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा के मामले में।

उन्होंने कहा, “जारी लड़ाई को लेकर हम बेहद चिंतित हैं।” उन्होंने समुद्री जहाजों पर काम करने वाले लोगों की सुरक्षा और ऊर्जा और खाद्यान्न की बिना रुकावट सप्लाई सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया।

खाड़ी क्षेत्र के बारे में जयशंकर ने कहा कि वहां जारी संघर्ष पहले से ही मुश्किल हालात को और गंभीर बना रहा है।

उन्होंने कहा, “भारत सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने, आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ऊर्जा और व्यापार की आवाजाही बिना रुकावट जारी रखने की अपील करता है।”

यूक्रेन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि समुद्री जहाजों पर काम करने वाले लोगों की सुरक्षा और खाद्यान्न और ऊर्जा की सप्लाई बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, “भारत शांति लाने के लिए चल रही कोशिशों का समर्थन करता है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को दिए गए संदेश को याद करते हुए जयशंकर ने कहा क‍ि जैसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है, "अब अंतहीन युद्ध का रास्ता छोड़कर शांति की ओर बढ़ना होगा।"

पश्चिम एशिया के मुद्दे पर उन्होंने एक बार फिर भारत के दो-राष्ट्र समाधान के समर्थन को दोहराया। इसके तहत इजरायल और फिलिस्तीन दो अलग-अलग संप्रभु देशों के रूप में एक-दूसरे के साथ शांति से रहें।

उन्होंने कहा कि लंबे समय तक शांति बनाए रखने के लिए यह बेहद जरूरी है। जयशंकर ने कहा क‍ि भारत फिलिस्तीनी लोगों के लिए मानवीय सहायता और राहत की कोशिशों में अपना योगदान दे रहा है।

--आईएएनएस

एवाई/एएस

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