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स्कॉच व्हिस्की के आयात की जांच के बीच पर्नो रिका के परिसर पहुंचे डीआरआई अधिकारी

स्कॉच व्हिस्की के आयात की जांच के बीच पर्नो रिका के परिसर पहुंचे डीआरआई अधिकारी
स्कॉच व्हिस्की के आयात की जांच के बीच पर्नो रिका के परिसर पहुंचे डीआरआई अधिकारी

नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। पर्नो रिका इंडिया ने गुरुवार को पुष्टि की कि राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) के अधिकारियों ने उसके परिसर का दौरा किया है। यह घटनाक्रम भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते के तहत स्कॉच व्हिस्की के थोक आयात के वर्गीकरण और सीमा शुल्क में रियायतों की पात्रता की जांच से जुड़ी खबरों के बीच सामने आया है।

आईएएनएस को दिए बयान में कंपनी ने कहा कि वह अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है और मांगी गई सभी जानकारियां उपलब्ध करा चुकी हैं। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, "हम पुष्टि करते हैं कि राजस्व खुफिया निदेशालय के अधिकारियों ने हमारे परिसर का दौरा किया। पर्नो रिका इंडिया अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है और मांगी गई सभी जानकारियां उपलब्ध करा रही हैं।"

कंपनी ने कहा कि उसे अपने पक्ष पर भरोसा है और वह अधिकारियों के सभी सवालों का पारदर्शी एवं रचनात्मक तरीके से जवाब देने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही, कंपनी ने अपने सभी कामकाज में अनुपालन के उच्चतम मानकों को बनाए रखने की बात कही।

यह पुष्टि उन मीडिया रिपोर्टों के बाद आई है, जिनमें कहा गया था कि भारतीय कर अधिकारी यह जांच कर रहे हैं कि पर्नो रिका और डियाजियो सहित शराब कंपनियों ने भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते के तहत कम किए गए शुल्क का लाभ लेने वाले कुछ स्कॉच व्हिस्की आयातों का सही वर्गीकरण किया था या नहीं।

रिपोर्टों के अनुसार, अधिकारियों ने पिछले सप्ताह नई दिल्ली के पास स्थित पर्नो रिका इंडिया के मुख्यालय का दौरा किया था और कंपनी से स्कॉच व्हिस्की के आयात से संबंधित विवरण मांगे थे।

इस साल की शुरुआत में दिल्ली हाईकोर्ट ने फ्रांसीसी वाइन एवं स्पिरिट्स कंपनी पर्नो रिका की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें थोक शराब लाइसेंस देने से इनकार किए जाने के फैसले को चुनौती दी गई थी।

न्यायमूर्ति पुरुषैंद्र कुमार कौरव ने कहा था कि दिल्ली आबकारी अधिनियम के तहत कंपनी की आपराधिक पृष्ठभूमि है और इसलिए वह एल-1 लाइसेंस पाने के लिए पात्र नहीं है।

अदालत ने दिल्ली की कथित आबकारी नीति घोटाला मामले में कंपनी के खिलाफ लंबित अभियोजन को ध्यान में रखते हुए कहा कि अधिकारियों द्वारा थोक शराब लाइसेंस के लिए उसके आवेदनों को खारिज करना उचित था।

अदालत ने निष्कर्ष निकाला कि मौजूदा स्थिति में दिल्ली आबकारी अधिनियम की धारा 13(1)(सी) के तहत पर्नो रिका की आपराधिक पृष्ठभूमि है, जिसके कारण वह एल-1 लाइसेंस प्राप्त करने के लिए अयोग्य है।

--आईएएनएस

डीएससी

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