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दीपावली पर यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए पूर्वोत्तर सीमा रेलवे विशेष ट्रेनें चलाएगा

दीपावली पर यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए पूर्वोत्तर सीमा रेलवे विशेष ट्रेनें चलाएगा
दीपावली पर यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए पूर्वोत्तर सीमा रेलवे विशेष ट्रेनें चलाएगा

गुवाहाटी/अगरतला, 8 नवंबर (आईएएनएस)। दीपावली के त्योहार के दौरान यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने और संभावित अतिरिक्त भीड़ को संभालने के लिए पूर्वोत्तर सीमा रेलवे (एनएफआर) ने रविवार से मंगलवार तक त्रिपुरा में तीन जोड़ी फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा की है।

एनएफआर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि विशेष ट्रेनें अगरतला-सबरूम और अगरतला-धर्मनगर मार्गों पर चलेंगी। इससे त्योहारों के दौरान राज्य में यात्रा करने वाले यात्रियों को आने-जाने के अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे, कनेक्टिविटी बेहतर होगी और उन्हें काफी सुविधा होगी।

शर्मा ने आगे कहा कि इन अतिरिक्त सेवाओं का उद्देश्य यात्रियों को यात्रा में अधिक सुविधा देना, नियमित ट्रेनों में भीड़ कम करना और त्योहारों के दौरान त्रिपुरा में यात्रा करने वाले लोगों के सफर को सुगम बनाना है।

त्रिपुरा में दीपावली के अवसर पर विशेष ट्रेनों की व्यवस्था करने के लिए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे को धन्यवाद देते हुए, पर्यटन और परिवहन मंत्री सुशांत चौधरी ने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा कि 'दीपावली उत्सव-2026' के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और तीर्थयात्री उदयपुर स्थित पवित्र माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में दर्शन के लिए आ सकते हैं।

उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की यात्रा को आसान, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने अगरतला-सबरूम-अगरतला और अगरतला-धर्मनगर-अगरतला मार्गों पर दो विशेष ट्रेनों की व्यवस्था करके एक विशेष पहल की है।

मंत्री ने कहा कि इस पहल से देवी त्रिपुरा सुंदरी की पूजा-अर्चना करने के लिए मंदिर आने वाले हजारों श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों को बहुत लाभ होगा। उन्होंने इस समयोचित और जनहितैषी पहल के लिए प्रधानमंत्री मोदी, मुख्यमंत्री माणिक साहा और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का भी आभार किया।

अधिकारियों ने बताया कि तीन दिनों तक चलने वाले इस दीपावली उत्सव में देश भर से 10 लाख से अधिक श्रद्धालु और आगंतुक शामिल हो सकते हैं।

अगरतला से लगभग 64 किलोमीटर दक्षिण में उदयपुर में स्थित यह प्रसिद्ध मंदिर, देश के 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। इसे 1501 में महाराजा धन्य माणिक्य ने बनवाया था, जिन्होंने 1490 से 1515 तक तत्कालीन रियासत त्रिपुरा पर शासन किया था।

स्थानीय विधायक अभिषेक देबरॉय और गोमती जिले के जिलाधिकारी रिंकू लाथर ने बताया कि वार्षिक उत्सव की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, और इस साल के आयोजन को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।

--आईएएनएस

एससीएच/एबीएम

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