Samachar Nama
×

राजस्थान कांग्रेस में टिकट बंटवारे को लेकर घमासान, जयपुर में नेताओं के बीच तीखी बहस

राजस्थान कांग्रेस में टिकट बंटवारे को लेकर घमासान, जयपुर में नेताओं के बीच तीखी बहस
राजस्थान कांग्रेस में टिकट बंटवारे को लेकर घमासान, जयपुर में नेताओं के बीच तीखी बहस

जयपुर, 29 अगस्त (आईएएनएस)। राजस्थान में होने वाले शहरी निकाय चुनावों से पहले कांग्रेस में टिकट वितरण को लेकर अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। जयपुर स्थित कांग्रेस के वॉर रूम में आयोजित एक बैठक के दौरान पूर्व मंत्री रामलाल जाट और पूर्व विधायक धीरज गुर्जर के बीच टिकट बंटवारे को लेकर तीखी नोकझोंक हो गई।

सूत्रों के अनुसार, भीलवाड़ा की शहरी निकाय सीटों पर उम्मीदवारों के चयन को लेकर दोनों नेताओं में मतभेद इतना बढ़ गया कि बैठक के दौरान आरोप-प्रत्यारोप और तीखी बहस शुरू हो गई। स्थिति को संभालने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली को हस्तक्षेप करना पड़ा।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि बैठक शुरू होते ही दोनों नेताओं के बीच तनाव साफ दिखाई देने लगा था। टिकट वितरण को लेकर बढ़ते मतभेद के कारण दोनों एक साथ चर्चा करने के लिए भी तैयार नहीं थे। बताया जा रहा है कि बहस के दौरान रामलाल जाट ने धीरज गुर्जर पर गंभीर टिप्पणियां कीं, जबकि गुर्जर ने भी जाट के व्यवहार और कार्यशैली पर सवाल उठाए। वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।

बैठक में मौजूद अन्य कांग्रेस नेताओं का भी इस घटनाक्रम पर ध्यान गया। आसपास के कमरों में मौजूद नेताओं ने ऊंची आवाजें सुनीं और दोनों नेताओं के बीच तनाव देखा। हालांकि, घटना के बाद न तो रामलाल जाट और न ही धीरज गुर्जर ने सार्वजनिक रूप से विस्तार से कोई बयान दिया है। धीरज गुर्जर ने केवल इतना स्वीकार किया कि टिकट वितरण को लेकर मतभेद हैं, लेकिन इस पर आगे टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

यह विवाद भीलवाड़ा कांग्रेस इकाई के भीतर लंबे समय से चल रहे गुटीय संघर्ष को भी उजागर करता है। रामलाल जाट को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का करीबी माना जाता है, जबकि धीरज गुर्जर को सचिन पायलट खेमे से जुड़ा नेता माना जाता है। स्थानीय राजनीति को लेकर दोनों नेताओं के समर्थक पहले भी आमने-सामने आते रहे हैं।

गौरतलब है कि वर्ष 2023 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में दोनों नेताओं को हार का सामना करना पड़ा था। धीरज गुर्जर भीलवाड़ा जिले की सहाड़ा सीट से चुनाव लड़े थे, जहां उन्हें भाजपा के गोपीचंद मीणा ने 580 वोटों से हराया था। वहीं रामलाल जाट मांडल सीट से चुनाव मैदान में उतरे थे, लेकिन भाजपा के उदयलाल भड़ाना ने उन्हें 35,878 वोटों के बड़े अंतर से पराजित कर दिया था।

शहरी निकाय चुनावों के लिए नामांकन की अंतिम तारीख नजदीक आने के बीच कांग्रेस में सामने आया यह ताजा विवाद पार्टी नेतृत्व की चिंताओं को बढ़ा सकता है। टिकट के दावेदारों की नाराजगी और संभावित बगावत की आशंकाओं के बीच पार्टी को संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

--आईएएनएस

एएमटी/एमएस

Share this story