दिल्ली सीएम ने क्षतिग्रस्त मूर्तियों के रीसाइक्लिंग अभियान का किया ऐलान, यमुना को बचाने की पहल
नई दिल्ली, 19 मई (आईएएनएस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को एक सरकारी अभियान की घोषणा की, जिसके तहत क्षतिग्रस्त मूर्तियों को रीसाइकिल किया जाएगा। साथ ही लोगों को जलाशयों, खासकर प्रदूषित यमुना नदी में धार्मिक सामग्री विसर्जित करने के बजाय दूसरा विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा।
सीएम रेखा गुप्ता ने लोगों से इस अभियान में भागीदारी करने की अपील की और सुझाव मांगे कि मूर्तियां एकत्र करने और उन्हें रीसाइकिल करने के लिए केंद्र कहां खोले जाएं।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, ''हम अपनी पूजनीय मूर्तियों को सम्मानपूर्वक रीसाइकिल करने के लिए विशेष केंद्र शुरू कर रहे हैं। यह स्वच्छ और सांस्कृतिक रूप से जागरूक विकसित दिल्ली की दिशा में एक भावनात्मक कदम है।''
उन्होंने आगे कहा, ''क्या आपके पास किसी स्थान का सुझाव है? जनता की भागीदारी हर अच्छे प्रयास को मजबूत बनाती है। अपने सुझाव साझा करें और आइए, आस्था का सम्मान जिम्मेदारी और गरिमा के साथ मिलकर करें।''
मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया वीडियो संदेश पर लोगों की तुरंत प्रतिक्रिया भी सामने आई। एक यूजर ने लिखा, "जैसे हर मंदिर में दानपात्र होता है, वैसे ही हर इलाके में टूटी हुई मूर्तियों को सम्मानपूर्वक रखने के लिए 'मूर्ति कलश' होना चाहिए। अगर संग्रह केंद्र दूर होंगे तो लोग सही तरीके से मूर्तियां नहीं रख पाएंगे। आस्था सम्मान की हकदार है और इसके लिए सुविधा जरूरी है।''
एक अन्य सोशल मीडिया यूजर ने दिल्ली सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा, ''टूटी या क्षतिग्रस्त देवी-देवताओं की मूर्तियों के सम्मानजनक निस्तारण और प्रबंधन की आपकी पहल बेहद सराहनीय है। यह हमारी आस्था, संस्कृति और धार्मिक भावनाओं के सम्मान की दिशा में बहुत ही सोच-समझकर उठाया गया कदम है। इस नेक पहल के लिए आपको हार्दिक धन्यवाद और बधाई।''
यमुना में मूर्तियों के विसर्जन के बजाय लोगों को दूसरा विकल्प देने की दिल्ली सरकार की यह पहल उपराज्यपाल टीएस संधू के उस विजन के अनुरूप है, जिसमें उन्होंने यमुना की सफाई का संकल्प लिया है। उन्होंने स्थिरता, समावेशन, संस्कृति, नवाचार, आर्थिक विकास और संवेदनशीलता को दिल्ली के भविष्य के विकास के पांच मुख्य स्तंभ बताया है।
हाल ही में जेएनयू के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि प्रशासन को जवाबदेह, सुलभ और मानवीय होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण, यमुना नदी की सफाई, जलाशयों का पुनर्जीवन, प्रभावी कचरा प्रबंधन, टिकाऊ परिवहन व्यवस्था और हरित क्षेत्र बढ़ाना दिल्ली के शहरी विकास के लिए बेहद जरूरी मुद्दे हैं।
उन्होंने कहा, ''यमुना को सिर्फ साफ ही नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि इसे दिल्ली की एक जीवंत पर्यावरणीय और सांस्कृतिक जीवनरेखा के रूप में पुनर्स्थापित किया जाना चाहिए।''
--आईएएनएस
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