'आप' सांसदों के इस्तीफे पर वीरेंद्र सचदेवा का हमला, बोले- केजरीवाल बने तानाशाह
नई दिल्ली, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी (आप) के सात सांसदों के इस्तीफे और भाजपा का दामन थामने की घोषणा के बाद दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने 'आप' संयोजक अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोला।
वीरेंद्र सचदेवा ने शुक्रवार को कहा कि राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव लाने के नाम पर अरविंद केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी बनाई, लेकिन वे तेजी से पार्टी संयोजक से पार्टी तानाशाह बन गए।
सचदेवा ने कहा कि केजरीवाल ने सत्ता का दुरुपयोग किया और पार्टी को भ्रष्टाचार के दलदल में धकेल दिया, जिसके परिणामस्वरूप, शांति भूषण से लेकर राघव चड्ढा तक, 'आप' के सभी संस्थापक सदस्यों ने धीरे-धीरे उनसे दूरी बना ली है।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि सभी ने देखा है कि कैसे अरविंद केजरीवाल ने अपने राजनीतिक आधार को बढ़ाने के लिए 10 साल तक दिल्ली में शोषण का शासन मॉडल चलाया।
सचदेवा ने कहा कि चार साल से भी ज्यादा समय से, वह न केवल गुजरात और गोवा में राजनीतिक विस्तार के लिए धन जुटाने के वास्ते पंजाब के उद्योगों और किसानों का शोषण कर रहे हैं, बल्कि पंजाब के युवाओं को नशे की लत की ओर भी धकेल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शायद इसी बात से परेशान होकर, पंजाब और दिल्ली के सात प्रभावशाली राज्यसभा सांसदों ने 'आप' छोड़ने के अपने फैसले की घोषणा की है, जो उनकी अंतरात्मा की आवाज को दिखाता है।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि 'आप' से इस्तीफा देने की घोषणा करने वालों में पार्टी के संगठन महासचिव संदीप पाठक भी शामिल हैं, जिससे पूरे देश में हर कोई हैरान है। सचदेवा ने कहा कि पाठक के इस्तीफे से कई सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने कहा कि संगठन महासचिव पार्टी की विचारधारा के संरक्षक होते हैं, और उनका इस्तीफा इस बात का संकेत है कि पार्टी और उसके संयोजक अरविंद केजरीवाल, दोनों ही अपने वैचारिक मार्ग से भटक गए हैं।
सचदेवा ने कहा कि केजरीवाल को अब आत्ममंथन करना चाहिए और अपनी कार्यशैली की समीक्षा करनी चाहिए; यह बात उन्होंने तब कही जब 'आप' के 10 राज्यसभा सांसदों में से सात ने भाजपा का दामन थामने की घोषणा की।
दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि जब 'आप' सांसद संजय सिंह ने राघव चड्ढा और स्वाति मालीवाल सहित सात राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद मीडिया को संबोधित किया, तो उनके चेहरे पर निराशा और बेचैनी साफ झलक रही थी।
उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि संजय सिंह ने अपने पूर्व सहयोगियों राघव चड्ढा, संदीप पाठक और स्वाति मालीवाल को गद्दार कहने और उन्हें पार्टी के कथित एहसानों की याद दिलाने से पहले, यह याद रखना जरूरी नहीं समझा कि इन तीनों युवा नेताओं ने अपने जीवन के 15 साल 'आप' और अरविंद केजरीवाल को समर्पित कर दिए थे, और बदले में अब उनका अपमान किया जा रहा है।
--आईएएनएस
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