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युद्धकालीन सैन्य कमान हस्तांतरण पर अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने की बात

युद्धकालीन सैन्य कमान हस्तांतरण पर अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने की बात
युद्धकालीन सैन्य कमान हस्तांतरण पर अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने की बात

सोल, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। दक्षिण कोरियाई और अमेरिकी रक्षा प्रमुखों ने बुधवार को फिलीपींस में मुलाकात की। माना जा रहा है कि इस बातचीत का मुख्य केंद्र युद्धकालीन सैन्य अभियान की कमान (ओपकॉन) सौंपने के समय, दोनों देशों के बीच मतभेदों को कम करना, और गठबंधन से जुड़े अन्य मुद्दे थे।

दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्रालय के अनुसार, देश के रक्षा मंत्री कांग शिन-चुल और अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के बीच बातचीत सेबू में हुई। यह जगह 'एसोसिएशन ऑफ साउथईस्ट एशियन नेशंस' (आसियान) के नेतृत्व वाली 'आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक (एडीएमएम) प्लस' के आयोजन स्थल के रूप में चुनी गई थी।

योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार, कांग के सितंबर में पदभार संभालने के बाद यह दोनों नेताओं के बीच पहली बैठक थी। इस मुलाकात का ब्योरा बाद में दिया जाएगा।

बुधवार की बातचीत ने सबका ध्यान खींचा है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग का प्रशासन चाहता है कि उसके पांच साल का कार्यकाल 2030 में समाप्त हो इससे पहले ही युद्धकालीन सैन्य कमान देश को वापस मिल जाए। हालांकि, अमेरिका इस प्रक्रिया को राजनीतिक समयसीमा के आधार पर जल्दबाजी में पूरा करने के प्रति सतर्क नजर आ रहा है।

अमेरिकी प्रशासन दक्षिण कोरिया को युद्धकालीन परिचालन नियंत्रण (ओपकॉन) तब सौंपने का इरादा रखता है, जब दोनों देशों के बीच तय शर्तें पूरी हो जाएंगी। उसका मत है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य दक्षिण कोरिया के नागरिकों और वहां तैनात अमेरिकी बलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि युद्धकालीन सैन्य कमान को लेकर अमेरिका की नीति दशकों से एक जैसी रही है।

इस मुद्दे पर दोनों सहयोगी देशों के बीच हाल के दिनों में मतभेद भी सामने आए हैं। दक्षिण कोरिया में अमेरिकी सेना के कमांडर जनरल जेवियर ब्रनसन ने हाल ही में कहा था कि कमान हस्तांतरण की परिस्थितियां बदल गई हैं। उनकी टिप्पणी के बाद सोल में इस बात को लेकर चिंता जताई गई कि क्या मौजूदा शर्तों के अतिरिक्त नए मानक भी लागू किए जा सकते हैं।

दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने वर्ष 2015 में शर्तों पर आधारित कमान हस्तांतरण की योजना पर सहमति बनाई थी। इसके तहत दक्षिण कोरिया की संयुक्त सैन्य बलों का नेतृत्व करने की क्षमता का तीन चरणों में आकलन किया जाना है।

फिलहाल दोनों देश पूर्ण परिचालन क्षमता (एफओसी) के प्रमाणन से जुड़े दूसरे चरण पर काम कर रहे हैं। इस आकलन के नतीजे आगे की प्रक्रिया और हस्तांतरण का लक्ष्य वर्ष तय करने में अहम होंगे।

दक्षिण कोरिया चाहता है कि आगामी सुरक्षा परामर्श बैठक (एससीएम) में इस प्रमाणन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए और हस्तांतरण के लिए एक निश्चित वर्ष निर्धारित करने की दिशा में प्रगति हो।

हस्तांतरण को लेकर दिख रहे मतभेदों के कारण ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि अगली एससीएम वार्ता अगले साल की शुरुआत तक टल सकती है।

इस साल की एससीएम, जो आमतौर पर अक्टूबर के आखिर या नवंबर की शुरुआत में होती है, पहले ही दिसंबर तक के लिए टाल दी गई है।

दोनों देशों के रक्षा प्रमुखों की दिसंबर में वाशिंगटन में होने वाली बैठक में इस विषय के साथ-साथ व्यापक रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।

युद्धकालीन परिचालन नियंत्रण का सवाल दक्षिण कोरिया-अमेरिका सैन्य गठबंधन के प्रमुख मुद्दों में शामिल है। फिलहाल युद्ध की स्थिति में संयुक्त बलों का परिचालन नियंत्रण अमेरिकी नेतृत्व वाली संयुक्त कमान के पास है। दक्षिण कोरिया शांतिकालीन परिचालन नियंत्रण 1994 में वापस हासिल कर चुका है, लेकिन युद्धकालीन कमान अब भी अमेरिका के पास है।

--आईएएनएस

केआर/

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