डीडीए ने एमपीडी 2047 को लेकर सिविक एजेंसियों और संरक्षण संस्थाओं के साथ बैठकें कीं
नई दिल्ली, 10 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (डीडीए) ने 'मास्टर प्लान फॉर दिल्ली 2047' (एमपीडी 2047) के असरदार तरीके से लागू करने के लिए एमसीडी, एनडीएमसी, दिल्ली मेट्रो और दूसरी अहम सरकारी एजेंसियों व हेरिटेज संरक्षण संस्थाओं के साथ बातचीत की।
अधिकारी ने एक बयान में कहा कि उपराज्यपाल और डीडीए के चेयरमैन टीएस संधू के निर्देश पर एमपीडी 2047 को सही ढंग से, असरदार तरीके से और सबकी भागीदारी के साथ लागू करने के मकसद से स्टेकहोल्डर्स के साथ बातचीत की यह दूसरी और तीसरी बैठक थी।
तीसरी स्टेकहोल्डर बैठक गुरुवार को संरक्षण संस्थाओं, हेरिटेज संरक्षण में काम करने वाले आर्किटेक्ट्स, दिल्ली टूरिज्म, एएसआई, एसपीए, आईएनटीएसीएच, पुरातत्व विभाग, इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम (आईवीपीएन), एमसीडी, डीयूएसी, दिल्ली फायर सर्विस और भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के साथ हुई।
बयान में कहा गया है कि दूसरी बैठक में कई सरकारी स्टेकहोल्डर्स और सर्विस देने वाली एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी), दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी), दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) और दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) शामिल थे।
बैठक में शामिल अन्य स्टेकहोल्डर्स में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई), नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (एनसीआरटीसी), दिल्ली पुलिस और दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) शामिल थे।
बयान में कहा गया है कि इसके अलावा, दिल्ली सरकार (जीएनसीटीडीय) के विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए, जिनमें लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), बिजली विभाग, भूमि और भवन विभाग, अग्निशमन विभाग, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण (आईएंडएफसी) विभाग और वन विभाग शामिल थे।
अन्य सरकारी एजेंसियों और संगठनों के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए, जिनमें इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल), नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (एनबीसीसी), केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी), और इंस्टीट्यूट ऑफ टाउन प्लानर्स, इंडिया (आईटीपीआई) शामिल थे।
इसमें कहा गया है कि पहली बातचीत पहले जन प्रतिनिधियों, संसद सदस्यों और दिल्ली विधानसभा के सदस्यों के साथ हुई थी।
इन बैठकों के दौरान डीडीए ने एमपीडी 2047 के मुख्य प्रावधानों के बारे में जानकारी दी, जिसके बाद इसमें शामिल स्टेकहोल्डर्स के साथ इसे लागू करने और तालमेल बिठाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
चर्चाओं से सवालों के जवाब देने और मास्टर प्लान के प्रावधानों को और स्पष्ट करने का मौका भी मिला। बयान में कहा गया है कि स्टेकहोल्डर्स ने एमपीडी 2047 को लागू करने और विभागों के बीच तालमेल के बारे में अपने विचार, सुझाव और फीडबैक साझा किए। यह बातचीत डीडीए की ओर से किए जा रहे बड़े स्तर के स्टेकहोल्डर एंगेजमेंट (हितधारकों के साथ बातचीत) कार्यक्रम का हिस्सा थी।
तीन महीने की अवधि में ऐसी लगभग 20 बैठकें करने की योजना बनाई गई हैं। इन बैठकों में अलग-अलग तरह के स्टेकहोल्डर ग्रुप शामिल हो रहे हैं, जिनमें सरकारी एजेंसियां और सर्विस प्रोवाइडर, इंडस्ट्री बॉडीज, आर्किटेक्ट और प्लानर, रेजिडेंट और ग्रुप हाउसिंग के प्रतिनिधि, किसान और जमीन मालिक, मार्केट और ट्रेड एसोसिएशन, संरक्षण संस्थाएं, ट्रांसपोर्ट एजेंसियां और शिक्षा व हेल्थकेयर सेक्टर के प्रतिनिधि शामिल हैं।
इन खास विषयों पर होने वाली बैठकों में एमपीडी 2047 के तहत कई मुद्दों पर चर्चा होगी, जैसे लैंड पूलिंग, ग्रुप हाउसिंग का रीडेवलपमेंट, कम घनत्व वाले इलाके, यमुना और ब्लू-ग्रीन जोन, हेरिटेज संरक्षण, मिक्स्ड-यूज और कमर्शियल इलाके, झुग्गी-बस्तियों का वहीं पर रीडेवलपमेंट, भीड़ कम करना, और शिक्षा व मेडिकल हब का विकास।
--आईएएनएस
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