चुनाव आयोग विवाद: डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने राहुल गांधी से माफी की मांग की
मुंबई, 26 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने शनिवार को विपक्ष पर निशाना साधते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के नेताओं से संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ 'झूठे और निराधार आरोप' फैलाने के लिए बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की।
शिंदे ने कहा कि गठबंधन की राजनीति नागरिकों को गुमराह करने और राष्ट्रीय नेतृत्व को बदनाम करने के लिए 'मनगढ़ंत कहानियों' पर आधारित है। भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) के भीतर आंतरिक मतभेदों के हालिया दावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि झूठी खबरों का जश्न मनाने का विपक्ष का प्रयास उल्टा पड़ गया है, क्योंकि तीनों चुनाव आयुक्तों द्वारा जारी सर्वसम्मत संयुक्त बयान ने 'पूरी तरह से दुष्प्रचार को ध्वस्त कर दिया है।'
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा, “इन झूठे दावों का इस्तेमाल करते हुए राहुल गांधी और उनके सहयोगियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को बदनाम करने और उन पर निशाना साधने की कोशिश की। लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में विश्वास को कमजोर करने के लिए सोची-समझी गलत सूचना फैलाना विपक्ष की आदत बन गई है।”
उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी को इस तरह के दुष्प्रचार अभियान में शामिल होने के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।
शिंदे ने आरोप लगाया कि जब भी चुनाव परिणाम उनके पक्ष में नहीं आते, तो भारत-भारतीय गठबंधन लगातार चुनाव आयोग और अदालतों सहित लोकतांत्रिक संस्थानों को निशाना बनाता है। उन्होंने विपक्षी नेताओं पर अविश्वास भड़काने, अफवाहें फैलाने और मतदाताओं को भ्रमित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
उन्होंने जोर देकर कहा कि 140 करोड़ नागरिक प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के साथ मजबूती से खड़े हैं, जिससे झूठे आरोप बेअसर हो जाते हैं।
शिंदे ने कहा कि देश की जागरूक जनता इन राजनीतिक चालों को भली-भांति पहचानती है और उचित समय पर मुंहतोड़ जवाब देगी। उन्होंने चेतावनी दी कि संवैधानिक पवित्रता को कमजोर करने के प्रयास विपक्ष को और अधिक राजनीतिक रूप से अलग-थलग कर देंगे।
इस बीच, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान भाजपा सांसद अशोक चव्हाण ने भी चुनाव आयोग पर राहुल गांधी के बयानों की आलोचना की।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में चव्हाण ने लिखा, “एक हताश विपक्षी नेता, झूठ का पुलिंदा। राहुल गांधी: ‘एसआईआर एकतरफा फैसला था।’ वहीं…ईसीआई प्रेस नोट: ‘आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी।’ ट्विस्ट: रसीदें स्वयं संस्था से आई थीं।”
--आईएएनएस
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