बेंगलुरु अस्पताल में पिता की आखिरी यादगार राडो घड़ी गायब, बेटी ने लगाया चोरी का आरोप
बेंगलुरु, 22 मई (आईएएनएस)। बेंगलुरु में एक महिला ने एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उसके दिवंगत पिता की याद 1.80 लाख रुपए की एक महंगी राडो घड़ी और एक हाफ-स्लीव स्वेटर, जिसे उसने अपने पिता की आखिरी यादों में से एक बताया है, चोरी हो गए।
गोविंदराज नगर पुलिस ने इस घटना के संबंध में एक एफआईआर दर्ज कर ली है और आगे की जांच शुरू कर दी है।
भावुक बेटी ने शुक्रवार को एक वीडियो जारी किया और अपील की कि यह घड़ी की कीमत के बारे में नहीं है, बल्कि यह उसके पिता से जुड़ी भावनाओं के बारे में है।
बसवेश्वरनगर की रहने वाली अनीता रमैया द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, उनके पिता के. रमैया, जो एक समाज सेवक थे, 15 जनवरी को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के कारण अचानक गिर पड़े। उन्होंने बताया कि उस समय उनके पिता ने 1.80 लाख रुपए की कीमत वाली राडो कलाई घड़ी और आधी आस्तीन का स्वेटर पहना हुआ था।
शिकायत में अनीता ने आरोप लगाया कि एक निजी अस्पताल ने शुरू में प्राथमिक उपचार देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद परिवार ने रमैया को कार से बेंगलुरु के एक अन्य प्रतिष्ठित निजी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान उनके पिता पिछली सीट पर उनकी गोद में लेटे हुए थे।
अस्पताल पहुंचने के बाद दो सहायकों ने मेरे पिता को कार से निकाला और उन्हें अंदर ले गए। लगभग 30 मिनट बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उस दौरान, मेरे पिता द्वारा पहनी गई राडो घड़ी और उनका स्वेटर गायब हो गया।"
रमैया की मृत्यु के बाद परिवार को इसका पता चला। अनीता ने दावा किया कि घड़ी का उनके लिए बहुत अधिक भावनात्मक महत्व था, क्योंकि यह उनके पिता की यादों से गहराई से जुड़ी हुई थी।
बाद में उन्होंने गोविन्दराजनगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें फोर्टिस अस्पताल परिसर से कीमती सामान की चोरी का आरोप लगाया गया था। हालांकि, परिवार ने आरोप लगाया है कि पुलिस से पहले संपर्क करने के बावजूद एफआईआर दर्ज करने में देरी हुई। सूत्रों के अनुसार, एफआईआर औपचारिक रूप से हाल ही में दर्ज की गई है। पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
अनीता द्वारा जारी एक वीडियो में, उन्होंने आरोप लगाया कि 15 मार्च को उन्हें एक संदेश मिला जिसमें कहा गया था कि उनकी शिकायत बंद कर दी गई है। उन्होंने बताया कि इसके बाद उन्होंने फोर्टिस अस्पताल के अधिकारियों से संपर्क किया और आंतरिक जांच और सीसीटीवी फुटेज तक पहुंच की मांग की। उन्होंने कहा, "दो दिन बाद, फोर्टिस अस्पताल ने एक शोक संदेश भेजा जिसमें कहा गया था कि लापता चीज़ें नहीं मिलीं। बाद में, जब मैं दोबारा गोविंदराजनगर पुलिस स्टेशन गई, तो पुलिस इंस्पेक्टर ने स्टाफ को अस्पताल को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।"
अनीता के अनुसार, दो सप्ताह बाद, फोर्टिस अस्पताल के अधिकारियों ने उन्हें बताया कि घटना से जुड़ा सीसीटीवी फ़ुटेज उपलब्ध नहीं है।
उन्होंने वीडिया बयान में कहा, "मुझे बस उम्मीद है कि मुझे मेरे पिताजी की घड़ी वापस मिल जाए। यह कीमत की बात नहीं है, यह यादों की बात है। मैं अभी अपने पिताजी की मौत के सदमे से उबर नहीं पा रही हूं।"
पुलिस फिलहाल इस मामले की जांच कर रही है और आरोपों के संबंध में अस्पताल के अधिकारियों से पूछताछ कर रही है।
--आईएएनएस
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