Samachar Nama
×

चक्रवात 'अर्नब' ने छत्तीसगढ़ में बरपाया कहर, नदियां उफान पर और संपर्क मार्ग बंद

चक्रवात 'अर्नब' ने छत्तीसगढ़ में बरपाया कहर, नदियां उफान पर और संपर्क मार्ग बंद
चक्रवात 'अर्नब' ने छत्तीसगढ़ में बरपाया कहर, नदियां उफान पर और संपर्क मार्ग बंद

रायपुर, 26 सितंबर (आईएएनएस)। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात अर्नब ने छत्तीसगढ़ में तीन दिनों तक मूसलाधार बारिश की है। इससे रायपुर, बिलासपुर, बस्तर, दुर्ग और सरगुजा डिवीजनों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

कई सड़कें जलमग्न हैं, कई मार्गों पर यातायात ठप है और कई क्षेत्रों में संपर्क टूट गया है।

राज्य भर में नदियां और नाले खतरनाक रूप से उफान पर हैं, जिसके चलते अधिकारियों ने कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जिला कलेक्टरों और संबंधित विभागों को आदेश का प्रभावी ढंग से कार्यान्वयन करने और राहत एवं बचाव कार्यों के लिए उच्च सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

महासमुंद जिले में पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार बारिश और गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने के कारण महानदी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है, जिससे नदियां और नाले उफान पर हैं।

बम्हानी गांव में सरकारी शराब की दुकान पूरी तरह से बाढ़ के पानी में डूब गई, जिसमें दो सुरक्षा गार्ड छगन लाल कुर्रे और ईद कुमार टंडन फंस गए। उन्होंने एक वीडियो जारी कर अपनी सुरक्षा की पुष्टि की। बाद में एक बचाव दल ने उन्हें सफलतापूर्वक बचा लिया।

प्रशासन ने नदी तट पर बसे 18 गांवों के लिए अलर्ट जारी किया है। चक्रवात का सबसे ज्यादा असर बस्तर मंडल और आसपास के जिलों पर पड़ा है। लगातार भारी बारिश के कारण अधिकांश नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे मुख्य सड़कें जलमग्न हो गई हैं और अंतर-जिला संपर्क पूरी तरह से टूट गया है।

धमतारी स्थित गंगरेल बांध के सभी 14 द्वार खोल दिए गए हैं क्योंकि जलाशय 98 प्रतिशत से अधिक भर गया है। रुद्री बैराज के माध्यम से महानदी में लगभग 50,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

मुरुमसिल्ली बांध पूरी क्षमता (100 प्रतिशत) पर है, जबकि बलोद स्थित दुधवा और सोंधुर बांध 90 प्रतिशत से अधिक भर गए हैं। धमतारी मुख्यालय के पास उफनती हटकुल नदी ने आसपास के कई गांवों का संपर्क काट दिया है।

कोरबा में बंगो बांध और ओडिशा में खातिगुडा बांध से भी पानी छोड़ा गया है, जिससे लगभग 500,000 घन मीटर पानी नीचे की ओर बह गया है और इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है।

ओडिशा के कालाहांडी क्षेत्र से बड़े पैमाने पर पानी छोड़े जाने के बाद सुकमा, कांकेर, बीजापुर, जगदलपुर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा के सैकड़ों गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।

खबरों और सूत्रों के अनुसार, जिला प्रशासन ने बचाव दल तैनात कर दिए हैं, अधिकारियों को निरंतर सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं और महानदी के किनारे बसे प्रत्येक गांव में निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के लिए सुरक्षित स्थान चिन्हित किए हैं।

जैसे-जैसे जलस्तर धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है, अधिकारी स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहे हैं और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी

Share this story

Tags