हैदराबाद : रेलवे स्टेशन से अगवा बच्ची को साइबराबाद पुलिस ने बचाया
हैदराबाद, 3 जुलाई (आईएएनएस)। साइबराबाद पुलिस ने एक महीने की बच्ची को सुरक्षित बचा लिया है। इस बच्ची का 30 जून को लिंगमपल्ली रेलवे स्टेशन से अपहरण कर लिया गया था। पुलिस के मुताबिक, बाद में उसे कोलकाता की एक निसंतान महिला को 1.5 लाख रुपए में बेच दिया गया था।
पुलिस ने अपराधियों के अंतर-राज्यीय गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया।
साइबराबाद के पुलिस आयुक्त डॉ. एम. रमेश ने शुक्रवार को बचाई गई बच्ची को उसकी मां को सौंप दिया।
बच्ची का अपहरण उस समय किया गया, जब वह लिंगमपल्ली रेलवे स्टेशन पर अपनी मां मालन शांता बाई की गोद में सो रही थी।
कर्नाटक के बीदर जिले की रहने वाली मालन बाई, जो एक सर्कस में काम करती हैं, ने पुलिस को बताया कि वह अपने सर्कस दल के अन्य सदस्यों के साथ लिंगमपल्ली रेलवे स्टेशन की दीवार के पास फुटपाथ पर सो रही थी। इसी दौरान कुछ अज्ञात लोग उनकी गोद से उनकी बेटी को उठाकर ले गए। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर उनकी नींद खुल गई। उन्होंने आरोपियों का पीछा करने की कोशिश की। लेकिन, वे ऑटो-रिक्शा में बैठकर फरार हो गए।
शिकायत के आधार पर चंदानगर में बीएनएस की धारा 137(2), 97 के साथ धारा 3(5) और जेजे एक्ट की धारा 84 के तहत मामला दर्ज किया गया।
अपहृत बच्ची का पता लगाने के लिए सेरिलिंगमपल्ली जोन के आरसी पुरम डिवीजन के एसीपी सीएच. वाई. श्रीनिवास की अगुवाई में पुलिस की तीन टीमें बनाई गईं। टीमों ने हर संभावित सुराग पर काम किया और तीन दिनों तक साइबराबाद, मलकाजगिरी और हैदराबाद पुलिस आयुक्तालय क्षेत्रों के कई सीसीटीवी फुटेज खंगाले। कड़ी मेहनत के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया।
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान मोहम्मद जुबेर और मोहम्मद इरफान दोनों अपहरणकर्ता तेलंगाना के विकाराबाद से, सादेक्वा मकसूद उर्फ नाजिया, निम्मी जहान अली उर्फ सीमा अली, दोनों कोलकाता के मूल निवासी और हैदराबाद में रहते हैं और कोलकाता के रहनुमा अली हैं, जिन्होंने शिशु को खरीदा था, के रूप में की गई है।
जांच में पता चला कि 30 वर्षीय रहनुमा अली ने हैदराबाद में रहने वाली अपनी मौसी निम्मी जहान (उर्फ सीमा) से पैसे देकर गोद लेने के लिए एक बच्चा दिलाने को कहा था। इसके बाद सीमा ने नेरेडमेट में रहने वाली अपनी सहेली नाजिया को इस बारे में बताया। नाजिया ने यह बात अपने मंगेतर जुबेर को बताई। इसके बदले जुबेर को अच्छी रकम देने का वादा किया गया था।
पुलिस के अनुसार, जुबेर ने अपने साथी इरफान से संपर्क किया, जो एक ऑटो ड्राइवर है और विकाराबाद पुलिस स्टेशन में दर्ज चोरी के एक मामले में पहले भी आरोपी रह चुका है। दोनों आरोपियों ने नवजात को अगवा करने और बेचने की आपराधिक साजिश रची।
लिंगमपल्ली रेलवे स्टेशन से बच्ची को अगवा करने के बाद, वे उसे नाजिया के घर ले गए और सीमा तथा रहनुमा अली को इसकी जानकारी दी।
1 जुलाई को अगवा किए गए बच्चे की कस्टडी लेने के लिए रहनुमा अली अपनी मौसी सरवरी के साथ कोलकाता से हैदराबाद फ्लाइट से गईं। जुबेर को बच्चे की गैर-कानूनी बिक्री के लिए रहनुमा अली से ऑनलाइन पेमेंट के जरिए 1.50 लाख रुपए मिले।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि इससे पहले कि आरोपी अगवा किए गए बच्चे को लेकर कोलकाता भाग पाते, पुलिस ने सभी आरोपियों को पकड़ लिया, एक महीने की बच्ची को बचाया और उसे सुरक्षित उसकी असली मां को सौंप दिया।
--आईएएनएस
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