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बंगाल की राजनीति में हिंसा और भ्रष्टाचार कैंसर की तरह फैल रहे हैं: राज्यपाल

कोलकाता, 11 फरवरी (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि राज्य की राजनीति में मौजूदा हालात में भ्रष्टाचार और हिंसा की दोहरी समस्याएं कैंसर की तरह फैल रही हैं।
बंगाल की राजनीति में हिंसा और भ्रष्टाचार कैंसर की तरह फैल रहे हैं: राज्यपाल

कोलकाता, 11 फरवरी (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि राज्य की राजनीति में मौजूदा हालात में भ्रष्टाचार और हिंसा की दोहरी समस्याएं कैंसर की तरह फैल रही हैं।

राज्यपाल बुधवार को उत्तर 24 परगना जिले में एक निजी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने पश्चिम बंगाल की राजनीति की मौजूदा स्थिति पर यह टिप्पणी की।

राज्यपाल ने कहा, “पश्चिम बंगाल की राजनीति में दो समस्याएं कैंसर की तरह अभूतपूर्व रूप से बढ़ी हैं। एक है हिंसा और दूसरी है बेलगाम भ्रष्टाचार। हम सब मिलकर हिंसा और भ्रष्टाचार मुक्त बंगाल बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस दिशा में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है।”

केंद्र सरकार द्वारा ‘वंदे मातरम्’ के आधिकारिक गायन प्रोटोकॉल को लेकर जारी की गई नई गाइडलाइंस का स्वागत करते हुए राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय गीत होने के साथ-साथ ‘वंदे मातरम्’ भारतीय समाज की आत्मा को दर्शाता है।

उन्होंने कहा, “यह गीत देश के लोगों की उस आजादी को दर्शाता है, जिसमें वे बिना डर के अपनी बात रख सकते हैं।”

हालांकि, उन्होंने उस घटनाक्रम पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय पीठ मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची ने पश्चिम बंगाल सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में हालिया हिंसा की जांच की अनुमति दी गई थी।

इस पर राज्यपाल ने कहा, “यह पूरी तरह न्यायिक मामला है, और राज्यपाल के रूप में मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता।”

हालांकि, उन्होंने पश्चिम बंगाल में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) की पहल का समर्थन किया।

उन्होंने कहा, “एसआईआर भारत में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में सही कदम है।”

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

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