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केंद्र सरकार की 'कॉर्पोरेट मित्र' पहल शुरू, एमएसएमई को मिलेगी किफायती प्रोफेशनल सहायता

केंद्र सरकार की 'कॉर्पोरेट मित्र' पहल शुरू, एमएसएमई को मिलेगी किफायती प्रोफेशनल सहायता
केंद्र सरकार की 'कॉर्पोरेट मित्र' पहल शुरू, एमएसएमई को मिलेगी किफायती प्रोफेशनल सहायता

नई दिल्ली, 5 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए अनुपालन (कंप्लायंस) की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए 'कॉर्पोरेट मित्र' पहल शुरू की है। इस पहल का मकसद अनुपालन को डरावना नहीं, बल्कि आसान और ज्ञान को सुलभ बनाना है।

कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय की संयुक्त सचिव अनीता शाह अकेला ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य अनुपालन को एक बोझ से बदलकर विश्वास, पारदर्शिता, जवाबदेही और व्यवस्थित विकास का माध्यम बनाना है।

सरकार ने केंद्रीय बजट 2026-27 में 'कॉर्पोरेट मित्र' पहल की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य प्रशिक्षित और प्रमाणित पैरा-प्रोफेशनल्स का एक पूल तैयार करना है जो एमएसएमई को बिजनेस और रेगुलेटरी अनुपालन में मदद कर सकें।

यह प्रोग्राम आईसीएआई, आईसीएसआई और आईसीओएआई की प्रोफेशनल विशेषज्ञता को आईआईटी मद्रास, आईआईटी मद्रास प्रवर्तक औरस्वयं प्लस के तकनीकी और अकादमिक सहयोग के साथ जोड़ता है।

इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई), इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) और इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीओएआई) ने कॉर्पोरेट मित्र कोर्स शुरू कर दिया है, जिसके पहले बैच में 2,879 शिक्षार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।

कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के अनुसार, कॉर्पोरेट मित्र लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) का लॉन्च इस प्रोग्राम के स्ट्रक्चर्ड लर्निंग और क्षमता-विकास चरण की शुरुआत है।

इस कोर्स का लक्ष्य प्रमाणित पैरा-प्रोफेशनल्स का एक कुशल समूह तैयार करना है जो एमएसएमई को किफायती प्रोफेशनल सहायता प्रदान कर सके, जिससे व्यापार करने में आसानी, रोजगार सृजन और समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

यह भारत के एमएसएमई इकोसिस्टम के विकास और औपचारिकरण में योगदान देने वाले पैरा-प्रोफेशनल्स के कुशल पूल को विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

'कॉर्पोरेट मित्र' कोर्स की कुल अवधि 12 महीने है, जिसे दो चरणों में बांटा गया है। पहले छह महीनों में लगभग 150 घंटे की स्ट्रक्चर्ड अकादमिक लर्निंग शामिल है, जो रिकॉर्डेड वीडियो लेक्चर के माध्यम से दी जाएगी।

इसके बाद आईसीएआई, आईसीएसआई और आईसीओएआई के सदस्यों की प्रोफेशनल फर्मों में छह महीने की ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग होगी, जो शिक्षार्थियों को प्रैक्टिकल अनुभव प्रदान करेगी।

--आईएएनएस

वीकेयू/वीसी

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