न्यू जर्सी विशेष चुनाव: भारतीय-अमेरिकी समुदाय से समर्थन की अपील के साथ चुनावी मैदान में उतरे कांग्रेस उम्मीदवार
वाशिंगटन, 6 जनवरी (आईएएनएस)। काउंटी कमिश्नर और वोटिंग राइट्स अटॉर्नी जॉन बार्टलेट न्यू जर्सी के 11वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से होने वाले विशेष चुनाव में चुनाव लड़ रहे हैं। जॉन बार्टलेट सीधे तौर पर भारतीय मूल के अमेरिकी मतदाताओं से समर्थन मांग रहे हैं। उनका कहना है कि उनका इस समुदाय से निजी और राजनीतिक दोनों तरह का जुड़ाव है और वह उनकी समस्याओं को समझते हैं।
जॉन बार्टलेट ने बताया कि यह विशेष चुनाव इसलिए हो रहा है क्योंकि मौजूदा सांसद मिकी शेरिल न्यू जर्सी की गवर्नर चुनी गई हैं, जिससे यह सीट खाली हो गई। उन्होंने कहा, "5 फरवरी को हमारा एक विशेष चुनाव होने वाला है, और हममें से एक दर्जन लोग डेमोक्रेटिक प्राइमरी चुनाव लड़ रहे हैं। मैं उन उम्मीदवारों में से एक हूं। मैं यूनाइटेड स्टेट्स कांग्रेस में इस डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व करने का मौका चाहता हूं।"
भारतीय अमेरिकी समुदाय से अपने रिश्ते पर बात करते हुए बार्टलेट ने आईएएनएस को एक इंटरव्यू में बताया कि शादी के कारण वह इस समुदाय का हिस्सा हैं। उनकी पत्नी डॉक्टर कैथी जोशी भारतीय मूल की अमेरिकी हैं। उन्होंने कहा कि पत्नी के जरिए उन्होंने भारतीय संस्कृति और समुदाय के बारे में बहुत कुछ सीखा है। वह भारत भी कई बार जा चुके हैं और उत्तरी न्यू जर्सी में रहने वाले भारतीय अमेरिकियों से उनका लगातार संपर्क रहा है।
पैसिक काउंटी में एक काउंटी कमिश्नर के तौर पर, बार्टलेट ने कहा कि उन्होंने अप्रवासी समुदायों को शामिल करने को प्राथमिकता दी। उन्होंने खास तौर पर भाषा की सुविधा पर ध्यान दिया। 2020 की जनगणना के दौरान लोगों तक जानकारी सिर्फ अंग्रेज़ी और स्पेनिश में ही नहीं, बल्कि अरबी, हिंदी और बंगाली में भी पहुंचाई गई। उनका कहना है कि जब सभी की गिनती होती है, तभी उन समुदायों को सही संसाधन मिल पाते हैं।
बार्टलेट ने न्यू जर्सी के 11वें डिस्ट्रिक्ट को राज्य के कुछ सबसे प्रमुख भारतीय अमेरिकी समुदायों का घर बताया, जिसमें पार्सिपेनी, लिविंगस्टन, शॉर्ट हिल्स, रैंडोल्फ और वेन शामिल हैं। उन्होंने कहा, "11वां डिस्ट्रिक्ट 12 प्रतिशत एशियाई अमेरिकी है, और उनमें से आधे से ज्यादा भारतीय अमेरिकी हैं। यहां अलग-अलग पीढ़ियों, पेशों और अनुभवों वाले परिवार रहते हैं।
उनका कहना है कि इस इलाके के भारतीय अमेरिकी परिवारों को वीज़ा और इमिग्रेशन से जुड़ी दिक्कतों, नस्लीय और धार्मिक भेदभाव, और बढ़ती महंगाई जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बार्टलेट ने कहा कि वह चाहते हैं कि इन समुदायों की बात अंदर से समझने वाला और उनकी समस्याओं पर तुरंत ध्यान देने वाला प्रतिनिधि उन्हें मिले।
करीब 25 साल से मतदान अधिकारों के वकील रहे जॉन बार्टलेट का कहना है कि वह ऐसे समय में कांग्रेस का चुनाव लड़ रहे हैं, जब नागरिक अधिकारों और लोकतंत्र पर खतरे बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने ट्रंप प्रशासन पर नागरिक अधिकारों और मतदान अधिकारों को कमजोर करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि 2028 का राष्ट्रपति चुनाव निष्पक्ष और स्वतंत्र रहे, इसके लिए सही लोगों का चुना जाना जरूरी है।
बार्टलेट ने यह भी कहा कि कम मतदान वाले विशेष चुनाव में भारतीय अमेरिकी मतदाताओं की भागीदारी बहुत अहम है। उन्होंने कहा, "एक स्पेशल चुनाव में, अगर आप अपने बेस और अपने समर्थकों को वोट डालने के लिए लाते हैं, तो आप जीतने वाले उम्मीदवार होंगे।" उन्होंने भारतीय अमेरिकियों से जल्दी मतदान, डाक से मतदान या 5 फरवरी को वोट डालने की अपील की।
नीतियों की बात करें तो बार्टलेट ने स्वास्थ्य सेवा, इमिग्रेशन और भारत-अमेरिका रिश्तों को अहम बताया। उन्होंने सरकारी स्वास्थ्य सेवा विकल्प को फिर से शुरू करने की बात कही और उन नीतियों की आलोचना की, जिनसे परिवारों पर खर्च का बोझ बढ़ा है। उन्होंने टैरिफ और वीज़ा पाबंदियों को भी गलत बताया, जिनसे भारतीय अमेरिकी कारोबार और परिवार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि एडिसन की ओकट्री रोड और जर्सी सिटी की न्यूआर्क एवेन्यू जैसे इलाकों पर इन नीतियों का सीधा असर पड़ा है।
भारत को अमेरिका के लिए दुनिया के सबसे अहम साझेदारों में से एक बताते हुए बार्टलेट ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार और लोगों के रिश्तों को और मजबूत करने की जरूरत है, न कि ऐसी नीतियां बनाने की, जो इमिग्रेशन और व्यापार को मुश्किल बनाएं।
उन्होंने कहा, "5 फरवरी को यह चुनाव भारतीय अमेरिकी समुदाय के लिए अपनी ताकत दिखाने, अपना राजनीतिक प्रभाव दिखाने और कुछ सच में खास करने का एक मौका है।"
डेमोक्रेटिक पार्टी का विशेष प्राइमरी चुनाव 5 फरवरी को होगा, जबकि 29 जनवरी से 3 फरवरी तक जल्दी मतदान की सुविधा रहेगी। विशेष आम चुनाव 16 अप्रैल को होने वाला है। हाल के वर्षों में न्यू जर्सी का 11वां जिला डेमोक्रेटिक पार्टी के पास रहा है और इसे राज्य की राजनीति की एक अहम सीट माना जाता है।
--आईएएनएस
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