वंदे मातरम् विवाद: सोनिया गांधी के समर्थन में उतरी कांग्रेस, तृणमूल और डीएमके; सीपीआईएम ने मांगी सफाई
नई दिल्ली, 16 अगस्त (आईएएनएस)। संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिन 'वंदे मातरम्' के गायन के दौरान हुई एक घटना को लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी विवादों में घिरी हुई हैं। इस मुद्दे पर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके उनके समर्थन में सामने आए, जबकि सीपीआईएम ने कांग्रेस से इस विषय पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा।
एक वीडियो बयान में कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, "भाजपा अब चारों तरफ से घिर गई है और उसकी लोकप्रियता कम हो रही है, इसलिए वह अब राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रीय ध्वज को लेकर जबरन विवाद खड़ा कर रही है।"
उन्होंने दावा किया कि संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिन राज्यसभा में वंदे मातरम् के गायन के बाद एक शिष्टाचार मुलाकात के दौरान सोनिया गांधी ने केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू की सराहना की थी।
प्रमोद तिवारी के अनुसार, सोनिया गांधी ने कहा था कि रिजिजू के होंठ लगातार 'वंदे मातरम्' के साथ चल रहे थे, जो सराहनीय बात है। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहे तो इस बात की पुष्टि स्वयं किरण रिजिजू से कर सकती है।
इससे एक दिन पहले कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने भी सोनिया गांधी का बचाव करते हुए कहा था, "गीत को रोकने की कोशिश नहीं की गई थी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे काफी देर से खड़े थे, इसलिए सोनिया गांधी सिर्फ यह कह रही थीं कि उनके लिए एक कुर्सी लाकर वहां रखी जाए।"
तृणमूल कांग्रेस सांसद कीर्ति आजाद ने भी सोनिया गांधी का समर्थन किया और कहा कि उन्हें अनावश्यक रूप से निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने भाजपा सांसदों को चुनौती देते हुए कहा, "क्या वे राष्ट्रीय गीत के सभी छह अंतरे गाकर दिखा सकते हैं? मैं ईमानदारी से कहता हूं कि मैं ऐसा नहीं कर सकता, लेकिन क्या इससे मैं कम राष्ट्रवादी हो जाता हूं? अगर कोई वंदे मातरम् नहीं गा पाता तो उसे राष्ट्रविरोधी कहना कहां तक सही है?"
वहीं, डीएमके के प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने भी भाजपा की आलोचना करते हुए कहा, "हम यह कैसे कह सकते हैं कि सोनिया गांधी ने राष्ट्रीय गीत को रोकने के लिए कहा था? हो सकता है कि उन्होंने किसी और बात के लिए इशारा किया हो। भाजपा हर चीज में गलती निकालने के लिए जानी जाती है। वे अपनी गलतियों पर चुप रहते हैं।"
सीपीआईएम के महासचिव एमए बेबी ने कहा कि राष्ट्रीय गीत के पूर्ण संस्करण के गायन को लेकर कुछ भ्रम की स्थिति है और कांग्रेस को इस पर अपना स्पष्ट रुख बताना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश में इस समय कांग्रेस के तीन मुख्यमंत्री हैं और अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तरीके अपनाए जा रहे हैं।
बेबी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा, "केरल में मुख्यमंत्री वीडी सतीशन की मौजूदगी वाले ध्वजारोहण समारोह में केवल राष्ट्रगान बजाया गया। वंदे मातरम् नहीं बजाया गया, जबकि कांग्रेस शासित तेलंगाना, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में वंदे मातरम् का पूरा संस्करण बजाया गया। इसलिए कांग्रेस नेतृत्व को स्पष्ट करना चाहिए कि वंदे मातरम् के गायन को लेकर पार्टी का आधिकारिक रुख क्या है।"
--आईएएनएस
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