ग्रेट निकोबार परियोजना पर कांग्रेस ने पर्यावरण को लेकर जताई चिंता, केंद्र ने आरोपों को बताया निराधार
नई दिल्ली, 5 जून (आईएएनएस)। ग्रेट निकोबार द्वीप विकास परियोजना को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को इस महत्वाकांक्षी परियोजना का विरोध करते हुए इसके पर्यावरण और जैव विविधता पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर गंभीर चिंता जताई।
वहीं, केंद्र सरकार पहले भी इन आरोपों को खारिज करते हुए कह चुकी है कि यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ाई जा रही है।
कांग्रेस महासचिव और लोकसभा सांसद केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा शुरू किए गए 'निकोबार मैटर्स' अभियान के तहत एक याचिका पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने लोगों से इस अभियान से जुड़ने और ग्रेट निकोबार की जैव विविधता तथा पर्यावरण की रक्षा के लिए आगे आने की अपील की।
केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि देश चुपचाप यह नहीं देख सकता कि 1.5 करोड़ पेड़ काट दिए जाएं, हजारों आदिवासी अपनी जमीनों से बेदखल हो जाएं और दिल्ली से कई गुना बड़े क्षेत्र को कैसीनो, रिसॉर्ट और व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए सौंप दिया जाए। उन्होंने कहा कि उन्होंने 'ग्रीन ओवर ग्रीड' याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं और राहुल गांधी के साथ इस अभियान का हिस्सा बने हैं।
इससे पहले राहुल गांधी भी अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह का दौरा कर चुके हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया था कि वह हजारों पेड़ काटकर द्वीप की समृद्ध वन संपदा को नुकसान पहुंचाना चाहती है। राहुल गांधी ने इस परियोजना को देश की प्राकृतिक और आदिवासी विरासत के खिलाफ सबसे बड़े अपराधों में से एक बताया था।
हालांकि, केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि ग्रेट निकोबार परियोजना को सभी पर्यावरणीय नियमों और वैधानिक मंजूरियों के तहत तैयार किया गया है। सरकार का कहना है कि यह परियोजना बंदरगाह आधारित आर्थिक विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करती है।
केंद्र के अनुसार, ग्रेट निकोबार द्वीप 'मलक्का जलडमरूमध्य' के पश्चिमी प्रवेश द्वार से लगभग 150 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और वैश्विक समुद्री व्यापार के लिहाज से बेहद रणनीतिक महत्व रखता है। परियोजना के तहत 14.2 मिलियन टीईयू क्षमता वाला अंतरराष्ट्रीय कंटेनर ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल, 4,000 पीक आवर यात्रियों की क्षमता वाला ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, 450 एमवीए गैस एवं सौर ऊर्जा आधारित बिजली संयंत्र और 16,610 हेक्टेयर में नया टाउनशिप विकसित करने की योजना है।
सरकार का दावा है कि यह परियोजना क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास, आर्थिक गतिविधियों और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करेगी, जबकि पर्यावरणीय मानकों का भी पूरी तरह पालन किया जाएगा।
--आईएएनएस
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