पीएम मोदी की लोकप्रियता से कांग्रेस परेशान, एसआईआर के बहाने अशांति फैलाने की कोशिश : भाजपा
बागलकोट, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने गुरुवार को कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और देश के विकास को देखकर परेशान है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (एसआईआर) को मुद्दा बनाकर देश में अशांति फैलाने और शांति भंग करने की कोशिश कर रही है।
विजयेंद्र ने बागलकोट में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि बुधवार का दिन ऐतिहासिक था क्योंकि देश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की "बेदाग राजनीतिक सेवा और शासन" के 25 साल देखे हैं।
उन्होंने कहा कि देश पीएम मोदी के आत्मनिर्भर भारत बनाने और देश को विकसित राष्ट्र में बदलने के विजन को साकार होते देख रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसे बर्दाश्त न कर पाने के कारण राहुल गांधी समेत कांग्रेस नेता परेशान हैं। विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि एसआईआर के नाम पर संवैधानिक संस्थाओं पर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं।
विजयेंद्र ने कांग्रेस सरकार पर कड़ा हमला किया और सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सीएम के तौर पर अपने शुरुआती 100 दिनों में क्या हासिल किया है। उन्होंने कहा कि शिवकुमार खुद को "जनता का सेवक" बताते हैं, लेकिन आरोप लगाया कि जब राज्य सूखे का सामना कर रहा था, तब सरकार ने किसानों की बहुत कम परवाह की।
किसानों के लिए 2,500 रुपए के प्रस्तावित मुआवजे को अपर्याप्त बताते हुए विजयेंद्र ने कहा कि इतनी कम राशि की घोषणा करना गरीबों को भीख देने जैसा है। विजयेंद्र ने कहा, "डीके शिवकुमार को लोगों से ज्यादा रियल एस्टेट की चिंता है। वह रियल एस्टेट के माहिर हैं। वह बेकार चीजों से भी पैसा निकालने में माहिर हैं।"
उन्होंने दावा किया कि ज्यादातर सरकारी योजनाएं सिर्फ घोषणाओं और प्रचार तक ही सीमित थीं और लोगों के बीच यह धारणा बन गई थी कि मुख्यमंत्री सिर्फ बेंगलुरु तक ही सीमित हैं।
विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि सरकार ने उत्तरी कर्नाटक में सिंचाई और विकास परियोजनाओं (जैसे अपर कृष्णा प्रोजेक्ट-यूकेपी) को प्राथमिकता देने के बजाय, हर तालुक में रिंग रोड बनाने की योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने आरोप लगाया कि रिंग रोड बनाने के लिए वर्ल्ड बैंक से कर्ज लेने की योजना के पीछे रियल एस्टेट से जुड़े हित थे।
उन्होंने खाली सरकारी पदों को भरने में दिलचस्पी न दिखाने के लिए भी सरकार की आलोचना की और आरोप लगाया कि बसवराज बोम्मई सरकार के समय उठाए गए जाति-आधारित आरक्षण के मुद्दे पर सरकार अपना रुख साफ करने में नाकाम रही।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रियांक खड़गे के गृह मंत्री का पद संभालने के बाद सरकार दलितों पर अत्याचार और महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाओं को रोकने में नाकाम रही।
विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लुभावने वादे करके और समाज में "जातिगत जहर के बीज बोकर" सत्ता में वापस आने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने दावा किया कि लोग कांग्रेस सरकार के कामकाज से तंग आ चुके हैं और कहा कि भाजपा आने वाले जिला पंचायत और तालुक पंचायत चुनावों से पहले 'बूथ संकल्प यात्रा' के जरिए अपने संगठन को मजबूत कर रही है।
मंत्रियों को स्टिंग ऑपरेशन से सावधान रहने की सीएम शिवकुमार की हालिया चेतावनी पर प्रतिक्रिया देते हुए विजयेंद्र ने रमेश जारकीहोली मामले का जिक्र किया और कहा कि लोग जानते हैं कि उस मामले में स्टिंग ऑपरेशन किसने किया था।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "क्या वे अपने ही विधायकों के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन करेंगे? लोग यह भी जानते हैं कि 'स्टिंग ऑपरेशन' किसने किया था।"
विजयेंद्र ने एसआईआर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लिए अलग-अलग राजनीतिक दलों और संगठनों को एक साथ लाने के लिए राहुल गांधी की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि गांधी को यह एहसास हो गया है कि कांग्रेस के लिए अकेले सत्ता में लौटना मुमकिन नहीं है और इसलिए वे समर्थन के लिए अलग-अलग समूहों और पार्टियों को एक साथ ला रहे हैं।
शिवकुमार के इस बयान पर कि अगर 2028 में कांग्रेस सत्ता में लौटती है तो वह फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे, विजयेंद्र ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री के दोबारा पद संभालने पर कोई आपत्ति नहीं है लेकिन उन्हें प्रशासन पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा, "डीके शिवकुमार के दोबारा मुख्यमंत्री बनने पर मुझे कोई आपत्ति नहीं है लेकिन उन्हें स्टिंग ऑपरेशन और 'डिंग ऑपरेशन' को छोड़कर ठीक से शासन चलाना चाहिए।"
--आईएएनएस
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