'आप कार्रवाई के लिए स्वतंत्र, मैं अपने राजनीतिक भविष्य के लिए': कांग्रेस के नोटिस पर विश्वेंद्र सिंह का जवाब
जयपुर, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। राजस्थान के पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह और प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व के बीच विवाद और बढ़ गया है। कांग्रेस की अनुशासन समिति ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पार्टी के अन्य नेताओं को लेकर दिए गए हालिया बयानों पर विश्वेंद्र सिंह को नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा है। इस पर विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि पार्टी कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है और वह अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं।
कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष उदयलाल आंजना ने शुक्रवार शाम विश्वेंद्र सिंह को नोटिस जारी किया। इसमें उनके खिलाफ आठ आरोपों का जिक्र किया गया है।
इन आरोपों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और दो जिलाध्यक्षों के खिलाफ बयान देना, हाल में हुए शहरी निकाय चुनावों में पार्टी के लिए काम नहीं करना और संगठनात्मक गतिविधियों के प्रति उदासीन रहने जैसे आरोप शामिल हैं।
यह नोटिस भरतपुर और डीग जिला कांग्रेस अध्यक्षों की शिकायतों के बाद जारी किया गया है।
विश्वेंद्र सिंह ने नोटिस मिलने के बाद इसे सोशल मीडिया पर साझा करते हुए अनुशासन समिति के अध्यक्ष उदयलाल आंजना को जवाब दिया।
उन्होंने कहा, ''राजस्थान कांग्रेस कमेटी का हाल... आदरणीय आंजना जी, पहले मैं आपके नोटिस का जवाब दूं या मेरे बारे में पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा जी ने जो बयान दिया है, उस पर अपनी प्रतिक्रिया दूं?''
उन्होंने आगे कहा, ''डोटासरा मुझे बड़े भाई के रूप में देखते हैं, वहीं दूसरी तरफ आपका व्यवहार सामने है। मेरे कार्यकर्ता और मैं असमंजस की स्थिति में हैं। आप अपनी कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र हैं और मैं अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर स्वतंत्र हूं।''
विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने हमेशा मर्यादा और अनुशासन बनाए रखा है। उन्होंने कहा, ''जीवन के इस पड़ाव पर शायद मुझे किसी की सलाह की जरूरत नहीं है।''
इससे पहले भी विश्वेंद्र सिंह ने कहा था कि आत्मसम्मान के साथ विदा लेना बेहतर है।
शुक्रवार को सिंह ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कांग्रेस से अलग होने के संकेत दिए थे। उन्होंने लिखा था कि उनका सार्वजनिक जीवन खुली किताब है और उस पर कोई दाग नहीं है।
उन्होंने कहा, ''मैंने कभी अपने सम्मान पर दाग नहीं लगने दिया और न कभी लगने दूंगा। ऐसी स्थिति में घुट-घुटकर मरने से आत्मसम्मान की मौत मरना बेहतर है।''
विश्वेंद्र सिंह ने आगे कहा था कि उनके पूर्वजों ने ऐसे मामलों में कभी समझौता नहीं किया और उन्हीं के रास्ते पर चलते हुए वह विदाई लेना बेहतर समझते हैं। उन्होंने कहा कि वह अब डोटासरा की नीतियों और कार्यप्रणाली के साथ नहीं चल सकते।
इसके बाद सिंह ने एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में कांग्रेस छोड़ने की बात कही। हालांकि, शुक्रवार दोपहर तक सामने आई रिपोर्टों में इस बात को लेकर अलग-अलग दावे थे कि कांग्रेस को उनका औपचारिक इस्तीफा मिला है या नहीं।
--आईएएनएस
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