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पश्चिम बंगाल: कांग्रेस के दोनों विधायकों को विधायक दल का नेता और उपनेता की मिली जिम्मेदारी

कोलकाता, 20 जून (आईएएनएस)। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने शनिवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता और उपनेता के पदों पर पार्टी के दोनों मौजूदा विधायकों की नियुक्ति कर दी।
पश्चिम बंगाल: कांग्रेस के दोनों विधायकों को विधायक दल का नेता और उपनेता की मिली जिम्मेदारी

कोलकाता, 20 जून (आईएएनएस)। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने शनिवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता और उपनेता के पदों पर पार्टी के दोनों मौजूदा विधायकों की नियुक्ति कर दी।

एआईसीसी के फैसले के अनुसार, मुर्शिदाबाद जिले की रानीनगर विधानसभा सीट से विधायक जुल्फिकार अली को कांग्रेस विधायक दल का नेता बनाया गया है, जबकि इसी जिले की फरक्का विधानसभा सीट से विधायक मोताब शेख को विधायक दल का उपनेता नियुक्त किया गया है।

हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने राज्य की सभी 294 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ा था, लेकिन पार्टी को केवल रानीनगर और फरक्का सीटों पर ही जीत मिली।

इस चुनाव में कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं को हार का सामना करना पड़ा। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुवंकर सरकार और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी भी चुनाव नहीं जीत सके।

रानीनगर सीट पर जुल्फिकार अली ने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार अब्दुल सौमिक हुसैन को तीन हजार से कम मतों के अंतर से हराया था। वहीं, फरक्का सीट पर मोताब शेख ने भाजपा उम्मीदवार सुनील चौधरी को नौ हजार से कम वोटों के अंतर से पराजित किया था।

जुल्फिकार अली और मोताब शेख दोनों पहली बार विधानसभा पहुंचे हैं और अब उन्हें कांग्रेस विधायक दल की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।

हालिया विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। 15 वर्षों से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस की सरकार सत्ता से बाहर हो गई, जबकि भाजपा ने 208 सीटें जीतकर राज्य में पहली बार सरकार बनाई।

चुनाव परिणामों में तृणमूल कांग्रेस को 80 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस और पूर्व तृणमूल विधायक हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) को दो-दो सीटों पर जीत मिली। वहीं, माकपा और ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट (एआईएसएफ) को एक-एक सीट हासिल हुई।

गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और वाम मोर्चे ने सीट बंटवारे के तहत चुनाव लड़ा था, लेकिन दोनों ही दल एक भी सीट नहीं जीत पाए थे। हालांकि 2026 के चुनाव में भी वाम मोर्चे और एआईएसएफ के बीच सीट साझेदारी जारी रही।

--आईएएनएस

डीएससी

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