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सीपीआई (एम) के नेता एमवी गोविंदन का केरल सरकार पर हमला, बोले- सतीशन को भाजपा-आरएसएस का समर्थन

सीपीआई (एम) के नेता एमवी गोविंदन का केरल सरकार पर हमला, बोले- सतीशन को भाजपा-आरएसएस का समर्थन
सीपीआई (एम) के नेता एमवी गोविंदन का केरल सरकार पर हमला, बोले- सतीशन को भाजपा-आरएसएस का समर्थन

पलक्कड़, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। सीपीआई (एम) के केरल प्रदेश सचिव एमवी गोविंदन ने शनिवार को कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ गठबंधन में गहरी फूट है और मुख्यमंत्री वीडी सतीशन भाजपा और आरएसएस के अनुकूल नीतियां अपना रहे हैं।

पलक्कड़ में मीडिया से बातचीत में गोविंदन ने कहा, "केरल में पूरी यूडीएफ व्यवस्था अव्यवस्थित हो गई है। यहां तक कि यूडीएफ संयोजक अडूर प्रकाश खुद कह रहे हैं कि उन्हें कुछ नहीं पता।"

उन्होंने कहा कि केवल कुछ ही लोग सतीशन के समर्थन में सामने आ रहे हैं, जबकि कांग्रेस के भीतर ज्यादा लोग यूडीएफ संयोजक और कांग्रेस सांसद अडूर प्रकाश का समर्थन करते दिखाई दे रहे हैं।

गोविंदन ने कहा, "कांग्रेस और यूडीएफ के भीतर बड़ा विभाजन है। ज्यादा लोग अडूर प्रकाश का समर्थन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के पक्ष में बहुत कम लोग बोल रहे हैं।"

उन्होंने सवाल किया कि गठबंधन में शामिल दलों और नेताओं के बीच उचित सलाह-मशविरा किए बिना यूडीएफ कैसे काम कर सकता है। उन्होंने पूछा, "बिना विचार-विमर्श के यूडीएफ के मामलों को कैसे चलाया जा सकता है?"

गोविंदन ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार भाजपा के अनुकूल रुख अपना रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि आरएसएस और भाजपा सतीशन का समर्थन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, "वीडी सतीशन सरकार आरएसएस प्रायोजित सरकार है।"

गोविंदन का यह बयान ऐसे समय आया है, जब सरकार के कामकाज के तरीके और गठबंधन सहयोगियों से सलाह-मशविरा नहीं किए जाने को लेकर कांग्रेस और यूडीएफ के अंदर मतभेद सामने आ रहे हैं।

गोविंदन ने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने आरएसएस के बढ़ते प्रभाव के सामने समर्पण कर दिया है।

सीपीआई(एम) के प्रदेश सचिव की यह टिप्पणी यूडीएफ सरकार के खिलाफ वाम दल के राजनीतिक हमले को और तेज करती है। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब कांग्रेस और यूडीएफ के वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं।

गोविंदन ने कहा कि मौजूदा घटनाक्रम कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन के भीतर गंभीर संकट को दिखाता है। उन्होंने एक बार फिर सवाल उठाया कि सामूहिक विचार-विमर्श के बिना यूडीएफ प्रभावी तरीके से कैसे काम कर सकता है।

विधानसभा चुनाव में सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे को बड़ी हार का सामना करने के बाद सतीशन सरकार को घेरने के लिए यह उसके प्रमुख मुद्दों में से एक बन गया है। 140 सदस्यीय विधानसभा में वाम मोर्चे की सीटों की संख्या 99 से घटकर 35 रह गई थी।

--आईएएनएस

एएमटी/वीसी

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